चंडीगढ़, 4 जून: हर साल मानसून के आते ही शहरों में जलभराव और नालों के ओवरफ्लो की समस्या सामने आती है। इसी को देखते हुए पंचकूला प्रशासन पहले से ही सक्रिय हो गया है। उपायुक्त श्रीमती मोनिका गुप्ता के निर्देश पर आज एसडीएम चंद्रकांत कटारिया ने जिले में बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ नालों की सफाई व्यवस्था, जलभराव की संभावनाओं वाले क्षेत्रों और सड़कों की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। दौरे की शुरुआत सेक्टर 19 से हुई, जहां एसडीएम ने खुद मौके पर जाकर देखा कि नाले की सफाई किस स्तर तक हुई है और आगे क्या किया जाना बाकी है।
इसके बाद उन्होंने फेस टू अभयपुर, एमडीसी क्षेत्र, और ओल्ड पंचकूला में भी नालों की स्थिति का निरीक्षण किया। खासकर जिन जगहों पर नालों में ब्लॉकेज की स्थिति पाई गई, वहां तुरंत सफाई कार्य को तेज करने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम का दौरा यहीं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने घग्गर नदी, बीड घग्गर, और सुखदर्शनपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में जाकर भी वास्तविक स्थिति का जायजा लिया, जहां अक्सर मानसून में जलभराव की समस्या देखी जाती है।
गौरतलब है कि बीते दिन ही उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर यह स्पष्ट निर्देश दिए थे कि समय रहते नालों की सफाई पूरी कर ली जाए और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए जाएं। इसके लिए उन्होंने एसडीएम चंद्रकांत कटारिया को जमीनी कार्य की जिम्मेदारी सौंपी थी।
निरीक्षण के समय एसडीएम के साथ नायब तहसीलदार हरदेव सिंह, सिंचाई विभाग के एसडीओ मोहित कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी निर्देश दिए गए ताकि बरसात शुरू होने से पहले तैयारियों में कोई कोताही न रह जाए।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यही था कि जनता को बारिश के मौसम में जलभराव जैसी समस्याओं से जूझना न पड़े, और पंचकूला की सड़कों व कॉलोनियों में जल निकासी की व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य कर सके।
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