नशे से दूर, ट्रैफिक नियमों के करीब – ट्रैफिक पुलिस ने छात्रों को दी ज़िंदगी की सही राह!

चंडीगढ़, 29 जुलाई: साहिबजादा अजीत सिंह नगर की ट्रैफिक पुलिस ने आज युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित समाज की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया।
“लर्निंग पाथ्स स्कूल, सेक्टर-67” में आयोजित इस विशेष सेमिनार का नेतृत्व ट्रैफिक पुलिस के उप-कप्तान श्री कर्नैल सिंह ने किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य था:

  • छात्रों को नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना

  • उन्हें ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना

  • खेल और फिटनेस की ओर प्रेरित करना

 जागरूकता के मुख्य बिंदु

नशे के खतरे और सतर्कता

छात्रों को बताया गया कि कुछ असामाजिक तत्व कैसे युवाओं को नशे की गिरफ्त में लाने की कोशिश करते हैं।
उन्हें सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A की जानकारी

 यदि कोई 18 वर्ष से कम उम्र का किशोर वाहन चलाता है, तो इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं:

अपराध सज़ा
 नाबालिग द्वारा वाहन चलाना माता-पिता को 3 साल की सज़ा और ₹25,000 जुर्माना
 वाहन देने वाला व्यक्ति वही सज़ा और जुर्माना भुगतेगा

इस जानकारी ने छात्रों और स्कूल स्टाफ को चौंकाया, लेकिन साथ ही जागरूक भी किया।

गुड समैरिटन स्कीम (Good Samaritan Scheme)

उप-कप्तान श्री कर्नैल सिंह ने ‘फरिश्ते स्कीम’ के बारे में बताया, जिसके तहत:

  • कोई भी नागरिक यदि सड़क हादसे के घायल की मदद करता है, तो

  • सरकार उसे ₹2,000 का इनाम और प्रशंसा पत्र देती है।

इस योजना का उद्देश्य मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देना और लोगों को भय के बिना मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

 खेलों की ओर प्रेरणा

कार्यक्रम के अंत में श्री सिंह ने छात्रों को खेलों, स्वास्थ्य और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि खेल केवल शरीर नहीं, बल्कि मन और सोच को भी मजबूत बनाते हैं, जो नशे जैसी बुराइयों से बचने के लिए आवश्यक है।

 स्कूल प्रशासन की सराहना

स्कूल के प्रिंसिपल और स्टाफ ने ट्रैफिक पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा:

“ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्रों को सही जानकारी देते हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित भी करते हैं।”

यह सेमिनार सिर्फ एक सूचना कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सकारात्मक सामाजिक पहल थी जो आने वाली पीढ़ियों को जिम्मेदार, जागरूक और सुरक्षित नागरिक बनाने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास है।
ट्रैफिक पुलिस का यह प्रयास नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश है और यह दिखाता है कि स्कूलों में जागरूकता फैलाकर समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।