चंडीगढ़, 5 जुलाई: बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान, जिन्हें आमतौर पर एक राजसी व्यक्तित्व के तौर पर जाना जाता है, इस समय गंभीर कानूनी संकट से गुजर रहे हैं। यह विवाद सीधे तौर पर उनके पुश्तैनी खानदान की 15,000 करोड़ रुपये की शाही संपत्तियों से जुड़ा हुआ है, जो भोपाल में स्थित हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इन संपत्तियों को ‘एनिमी प्रॉपर्टी’ यानी शत्रु संपत्ति घोषित करते हुए 25 साल पुराने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है और केस की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
यह कानूनी उलझन अब एक नई दिशा में बढ़ चुकी है, जिसमें सैफ अली खान को कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। हाईकोर्ट के मुताबिक, मामले की जांच अब एक बार फिर से जमीन स्तर से की जाएगी और ट्रायल कोर्ट को इसे एक साल के भीतर निष्कर्ष तक पहुंचाना होगा।
कहानी की पृष्ठभूमि: किस तरह फंसी शाही विरासत
यह संपत्ति विवाद सीधे नवाब हमीदुल्लाह खान से जुड़ा है, जो भोपाल रियासत के अंतिम शासक थे। हमीदुल्लाह खान की पहली पत्नी की बेटी साजिदा सुल्तान को वर्ष 2000 में ट्रायल कोर्ट द्वारा संपत्ति का वैध उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। साजिदा सुल्तान सैफ अली खान की परदादी थीं। लेकिन अब, हाईकोर्ट ने उस फैसले को खारिज कर दिया है।
असल में, हमीदुल्लाह खान की दूसरी बेटी, आबिदा सुल्तान, भारत विभाजन के बाद पाकिस्तान चली गई थीं और वहीं बस गईं। इसी वजह से अब यह संपत्ति शत्रु संपत्ति अधिनियम के अंतर्गत आ गई है।
क्या होता है शत्रु संपत्ति अधिनियम?
भारत सरकार द्वारा लागू किया गया शत्रु संपत्ति अधिनियम (Enemy Property Act) 1968 में अस्तित्व में आया था। इसका उद्देश्य उन संपत्तियों को सरकार के नियंत्रण में लेना था, जिनके मालिक विभाजन के समय पाकिस्तान या चीन चले गए थे और भारतीय नागरिकता त्याग दी थी।
इस कानून के अनुसार, ऐसी संपत्तियों को भारत सरकार की ‘कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी’ इकाई के तहत लाया जाता है। चूंकि सैफ के पूर्वजों में से एक आबिदा सुल्तान ने पाकिस्तान जाकर वहां की नागरिकता ग्रहण की थी, इस वजह से भोपाल की शाही संपत्तियां इस श्रेणी में आ गई हैं।
कौन-कौन सी संपत्तियां हैं इस विवाद में शामिल?
सैफ अली खान और उनके परिवार से जुड़ी जिन संपत्तियों पर विवाद चल रहा है, उनमें भोपाल की कई प्रमुख और ऐतिहासिक इमारतें शामिल हैं, जैसे:
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फ्लैग स्टाफ हाउस
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नूर-उस-सबा पैलेस
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दार-उस-सलाम
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हबीबी का बंगला
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अहमदाबाद पैलेस
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कोहेफिजा प्रॉपर्टी
इनमें से कुछ भवन आज भी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में माने जाते हैं और इनकी अनुमानित कीमत हजारों करोड़ रुपये में है। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹15,000 करोड़ आंकी गई है, जो अब सरकार के नियंत्रण में आ सकती हैं।
सैफ अली खान की अन्य संपत्तियां और उनका मूल्य
सैफ अली खान के पास मुंबई में एक शानदार सी-फेसिंग अपार्टमेंट और कई आलीशान प्रॉपर्टीज हैं। लेकिन उनका सबसे बड़ा गर्व है पटौदी पैलेस, जिसकी कीमत लगभग ₹800 करोड़ बताई जाती है। यह हरियाणा के पटौदी में स्थित है और सैफ ने इसे अपने पिता, मंसूर अली खान पटौदी की मृत्यु के बाद दोबारा हासिल किया था। वे खुद बता चुके हैं कि उन्होंने इसे वापस लेने के लिए काफी संसाधन और समय खर्च किया था।
क्या होगा आगे?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार, ट्रायल कोर्ट को इस विवाद की पूरी सुनवाई एक साल के भीतर पूरी करनी होगी। इसका मतलब है कि सैफ अली खान और उनके परिवार को एक लंबी और जटिल कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ेगा। कानूनी प्रक्रिया के आधार पर यह तय होगा कि क्या ये संपत्तियां वास्तव में सरकारी कब्जे में रहेंगी या सैफ अली खान इन्हें दोबारा हासिल कर पाएंगे।
वर्क फ्रंट पर सैफ अली खान की नई पारी
कानूनी परेशानियों के बीच सैफ अली खान का करियर भी नए मुकाम की ओर बढ़ रहा है। वे हाल ही में नेटफ्लिक्स की एक थ्रिलर फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ में नजर आए हैं। इसके अलावा, वे जल्द ही ‘रेस 4’ में एक्शन करते नजर आएंगे। साथ ही, अक्षय कुमार के साथ प्रियदर्शन की एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘हैवान’ में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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