“सड़क नियम, जीवन के साधन” अभियान की पंचकूला में शानदार शुरुआत: मॉक ड्रिल और जागरूकता शिविरों से जनता को किया जा रहा सतर्क!

चंडीगढ़, 14 जुलाई: पंचकूला जिला में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल की शुरुआत की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), पंचकूला ने यातायात पुलिस विभाग के सहयोग से “सड़क नियम, जीवन के साधन” नामक एक माहभर चलने वाला जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य है — सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाना और नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति गंभीर और जागरूक बनाना।

इस मुहिम की अगुवाई कर रही हैं डीएलएसए की सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सुश्री अपर्णा भारद्वाज, जिनकी सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व में अभियान को व्यापक जन-समर्थन मिल रहा है। सुश्री भारद्वाज ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एचएएलएसए) द्वारा जारी 2025 की वार्षिक कार्य योजना का हिस्सा है।

मॉक ड्रिल से दिखाई सड़क दुर्घटनाओं की भयावह हकीकत

अभियान के तहत एक अत्यंत प्रभावशाली और व्यावहारिक मॉक ड्रिल का आयोजन चंडीमंदिर चौक (टैंक चौक) पर किया गया, जिसमें तेज़ गति, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाना, नशे की हालत में गाड़ी चलाना जैसे गंभीर और जानलेवा व्यवहारों के वास्तविक परिणामों को नाटकीय ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इस आयोजन में स्वयं सुश्री अपर्णा भारद्वाज, एसीपी ट्रैफिक श्री शुकर पाल, यातायात निरीक्षक श्री सुनील कुमार, विद्यार्थी, शिक्षक तथा ट्रैफिक पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। भीड़ में खड़े कई लोगों की आँखों में मॉक दुर्घटनाओं की झलक से डर और जागरूकता दोनों दिखाई दी।

“सड़क पर एक छोटी सी चूक भी जीवन के सबसे कीमती पलों को छीन सकती है। यह ड्रिल एक चेतावनी है, एक सीख है, और एक जिम्मेदारी है,” — सुश्री भारद्वाज ने कहा।

स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता की अलख

अभियान को केवल सड़कों तक सीमित न रखते हुए, शिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता अभियान तेज़ी से चलाए जा रहे हैं।
इन शिविरों में बच्चों और युवाओं को सड़क पर सुरक्षित चलने, ज़ेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग करने, हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने जैसे नियमों की महत्ता को इंटरएक्टिव गतिविधियों के माध्यम से बताया जा रहा है।

दृश्य प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं और लाइव डेमोंस्ट्रेशन के ज़रिए छात्रों में यातायात नियमों के प्रति रुचि और समझ पैदा की जा रही है। बच्चों की आँखों में दिखी उत्सुकता और उनके सवालों ने यह स्पष्ट किया कि सही मार्गदर्शन से एक ज़िम्मेदार पीढ़ी तैयार की जा सकती है।

अप्रशिक्षित चालकों पर फोकस, ज़िम्मेदार नागरिकों को मिलेगा सम्मान

इस अभियान की एक और विशेषता यह है कि यह अप्रशिक्षित और बिना लाइसेंस वाले चालकों के बीच तेज़ रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।

इसके साथ ही, सड़क नियमों का ईमानदारी से पालन करने वाले नागरिकों को ट्रैफिक पुलिस की ओर से सार्वजनिक रूप से सराहना भी दी जा रही है — ताकि सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहन मिले और समाज में जिम्मेदारी का संदेश जाए।

डीएलएसए की अपील: “सड़क पर रहें सतर्क, जीवन है अनमोल”

सुश्री अपर्णा भारद्वाज ने अभियान के माध्यम से हर नागरिक से अपील की कि वह सड़क पर उतरते ही एक ज़िम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाए।

“एक हेलमेट, एक सीट बेल्ट, एक ट्रैफिक सिग्नल की इज्जत — ये छोटी बातें हैं, लेकिन जीवन और मौत के बीच का अंतर भी बन सकती हैं।”

अभियान से जुड़ने और जानकारी पाने के लिए यहां करें संपर्क

जनता इस अभियान में भाग लेने या सुझाव देने के लिए डीएलएसए कार्यालय, एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-1, पंचकूला में संपर्क कर सकती है।

  • स्थानीय हेल्पलाइन नंबर: 0172-2585566

  • राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन: 15100