चंडीगढ़, 24 जुलाई: रूस के अमूर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हृदय विदारक घटना सामने आई है। गुरुवार को लापता हुआ An-24 यात्री विमान आखिरकार पूर्वी साइबेरिया के घने जंगलों में जलता हुआ पाया गया। इस विमान में कुल 50 लोग सवार थे, जिनमें 5 मासूम बच्चे और 7 क्रू सदस्य भी शामिल थे। अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस भयावह हादसे में किसी के जीवित बचने की कोई संभावना नहीं बची है।
कैसे हुआ हादसा?
यह विमान अंगारा एयरलाइंस (Angara Airlines) का था, जो अमूर क्षेत्र से उड़ान भरकर टिंडा शहर की ओर जा रहा था। यह इलाका चीन की सीमा के नजदीक स्थित है और भौगोलिक रूप से काफी दुर्गम माना जाता है।
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विमान ने उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क खो दिया।
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संपर्क टूटने के बाद से ही विमान का कोई रडार सिग्नल या संचार नहीं मिल रहा था।
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अधिकारियों ने इमरजेंसी अलर्ट जारी किया और तुरंत रेस्क्यू मिशन शुरू कर दिया गया।
मलबा मिला, लेकिन उम्मीदें बुझीं
करीब 10 घंटे के लंबे तलाशी अभियान के बाद एक रूसी बचाव हेलीकॉप्टर ने उस क्षेत्र में धुएं के गुबार देखे। जब टीम मौके पर पहुंची, तो वहां उन्हें जंगलों के बीच विमान का जला हुआ मलबा मिला।
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मलबे से धुआं और जलने की गंध आ रही थी।
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कुछ हिस्से करीबी गांवों में गिरने की पुष्टि भी हुई है।
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अभी तक कोई यात्री जिंदा नहीं मिला है।
रूस की आपातकालीन सेवाएं, स्थानीय प्रशासन और बचावकर्मी शवों की तलाश और पहचान के काम में लगे हुए हैं। मलबे के जलने और बिखरने की वजह से पहचान बेहद मुश्किल हो रही है।
मासूम भी बने हादसे का शिकार
इस विमान में सवार 50 लोगों में 5 छोटे बच्चे भी शामिल थे। यह खबर सामने आने के बाद से ही स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में शोक की लहर है। प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने सूचना दे दी है और मानसिक व सामाजिक सहायता देने के प्रयास जारी हैं।
पुराने विमानों की चिंता फिर हुई उजागर
गौर करने वाली बात यह है कि जिस An-24 विमान में यह हादसा हुआ है, वह सोवियत संघ के जमाने का बेहद पुराना मॉडल है। रूस के कई सुदूर और पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी ऐसे पुराने विमानों का उपयोग किया जा रहा है।
इससे पहले भी रूस में An-24 और Tu-154 जैसे पुराने एयरक्राफ्ट कई बार हादसों का शिकार हो चुके हैं, जिससे इनकी सुरक्षा को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
प्रशासन और गवर्नर की प्रतिक्रिया
अमूर क्षेत्र के गवर्नर वासिली ऑरलोव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा,
“यह हमारे क्षेत्र के लिए एक बड़ी त्रासदी है। हमने एक हेलीकॉप्टर द्वारा मलबा खोज लिया है, और अब राहत कार्य पूरे समर्पण से किया जा रहा है।”
रूसी आपातकालीन मंत्रालय ने कहा है कि,
“हम दुर्घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित कर रहे हैं। प्राथमिकता लाशों की बरामदगी, पहचान और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सम्मानपूर्वक अंजाम देना है।”
मानवता को झकझोर देने वाली दुर्घटना
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि प्रौद्योगिकी और संरचना के क्षेत्र में अद्यतन रहना कितना आवश्यक है, खासकर जब बात यात्रियों की जान से जुड़ी हो।
परिजनों के लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि पूरे जीवन को बदल देने वाली त्रासदी है। किसी ने अपने माता-पिता को खोया है, किसी ने मासूम बच्चे को, और कई परिवार अब भी यह विश्वास नहीं कर पा रहे कि उनके अपने अब कभी वापस नहीं आएंगे।
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