चंडीगढ़, 26 जून: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 26 जून 2025 को एक भयावह सड़क दुर्घटना घटी, जिसने तीर्थयात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के जीवन को झकझोर कर रख दिया। राजस्थान के उदयपुर से बद्रीनाथ धाम की ओर जा रही एक 18-सीटर टेंपो ट्रैवलर बस अनियंत्रित होकर रुद्रप्रयाग-बद्रीनाथ हाईवे पर घोलतीर क्षेत्र के पास अलकनंदा नदी में गिर गई।
इस भीषण हादसे में अब तक तीन यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 7 लोग घायल हैं। चिंता की बात यह है कि करीब 10 यात्री अब भी लापता हैं। हादसे के समय वाहन में कुल 18 से 19 यात्री सवार थे। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बस एक तीखे मोड़ पर नियंत्रण खो बैठी और झुकती हुई सीधे खाई में जा गिरी। बस की गति और मोड़ की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
करीब पांच यात्री हादसे के वक्त वाहन से छिटक कर बाहर गिर पड़े, जिससे उनकी जान बच सकी, जबकि बाकी यात्रियों के साथ बस नदी में समा गई।
घायल बच्चों की स्थिति भी नाजुक
इस हादसे में घायल सात लोगों में दो 9 वर्षीय बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उपचार में लगी हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी
घटनास्थल पर एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल), स्थानीय पुलिस, अगस्त्यमुनि, रातूड़ा और गौचर थानों की टीमें तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
परंतु अलकनंदा नदी का तेज बहाव और पहाड़ी क्षेत्र की दुर्गमता रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी चुनौती बन रही है। लापता लोगों की तलाश नावों और ड्रोन कैमरों की सहायता से की जा रही है।
आईजी निलेश आनंद भरने, पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता, ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली, तत्काल राहत टीमें मौके पर रवाना कर दी गईं। सभी आवश्यक संसाधनों के साथ ऑपरेशन लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, दिए मदद के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“रुद्रप्रयाग जिले में टेंपो ट्रैवलर के नदी में गिरने की खबर अत्यंत दुखद है। एसडीआरएफ और अन्य टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। मैं लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और ईश्वर से सभी की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों के उपचार में कोई कोताही न बरती जाए और लापता यात्रियों की तलाश प्राथमिकता पर की जाए।
कठिन मौसम और भूगोल बनी बड़ी चुनौती
रुद्रप्रयाग-बद्रीनाथ मार्ग पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित है, जहां अक्सर संकरे मोड़, गहरी खाइयाँ और ढलान जोखिम भरे होते हैं। वर्तमान में मानसून के आगमन के साथ नदी का बहाव और भी तेज हो चुका है, जिससे बचाव कार्यों को अंजाम देना और जटिल हो गया है।
घायल यात्रियों का इलाज जारी
सभी घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, और उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की संभावना है। प्रशासन की ओर से मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।
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