सड़क हा/दसे ने छीना संगीत का रतन: “राजवीर जवंदा” नहीं रहे

पंजाबी संगीत जगत का एक सितारा आज हमेशा हमेशा के लिए चला गया ।

 

मशहूर सिंगर राजवीर जवंदा ने लंबी और दर्दनाक जंग हा/रते हुए दुनिया को अलविदा कह दिया।

 

हिमाचल प्रदेश के बद्दी में 27 सितंबर को हुए एक गंभीर मोटरसाइकिल हादसे के बाद से वे फोर्टिस अस्पताल, मोहाली में भर्ती थे,

 

लेकिन आज उनके निधन की खबर ने सभी को शोक में डुबो दिया है।

 

राजवीर की हालत शुरुआत से ही बेहद नाजुक थी। करीब 10 -12 दिनों से वे वेंटिलेटर पर थे

 

दुर्घटना के समय उनके सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गहरी चोटें आई थीं,

 

जिनके चलते उनके मस्तिष्क में हाइपॉक्सिया और स्पाइनल कॉर्ड में गंभीर नुकसान हुआ था।

 

एमआरआई रिपोर्ट में यह बताया गया कि उनके शरीर के कुछ हिस्से कमजोर पड़ गए थे और डॉक्टरों ने ऑर्गन फेल्यर का खतरा भी जताया था।

 

हालत इतनी गंभीर थी कि वे वेंटिलेटर पर थे

 

हादसे के वक्त राजवीर अपने दोस्तों के साथ शिमला के लिए बाइक पर निकले थे,

 

लेकिन बद्दी में एक भयानक दुर्घटना का शिकार हो गए। बताया जा रहा है हादसे के बाद उन्हें सही समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी

 

और अस्पताल ले जाते वक्त उन्हें दो बार दिल का दौरा पड़ा।  जानकारी के मुताबित उनके शरीर में कोई मूवमेंट नहीं था  चाहने वाले उनके लिए अरदास कर रहे थे

 

राजवीर के करीबी ने बताया कि हा/दसे के दिन उनकी पत्नी ने उन्हें बाइक पर बाहर जाने से मना किया था, जबकि उनकी मां भी चाहती थीं कि वे घर पर रहें।

 

लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। परिवार, दोस्त और फैंस उनकी सलामती के लिए लगातार दुआ कर रहे थे और पंजाबी इंडस्ट्री में उम्मीद जगी थी कि कोई चमत्कार हो जाएगा।

 

राजवीर जवंदा की मौ/त ने न केवल उनके चाहने वालों को बल्कि पूरी पंजाबी संगीत के दुनिया को गहरा सदमा पहुंचाया है। उनकी संगीत यात्रा, संघर्ष और आज़माइश सभी के लिए प्रेरणा थी।

 

अब उनके फैंस के दिलों में उनकी यादें और उनकी आवाज़ हमेशा के लिए सदाबहार रहेगी।