Meenakshi Seshadri – कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव के दौरान साझा की भावनाएं
30 साल के लंबे अंतराल के बाद बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्रि एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी दूसरी पारी शुरू करने के लिए तैयार हैं।
90 के दशक में दामिनी और घातक जैसी फिल्मों से सुर्खियां बटोरने वाली मीनाक्षी ने कहा
कि अब उनका परिवार, खासतौर पर उनके पति और बच्चे, उन्हें एक बार फिर अभिनय के क्षेत्र में लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
गीता से मिली प्रेरणा
मीनाक्षी शेषाद्रि ने कहा कि उनके जीवन में पवित्र ग्रंथ गीता का बहुत बड़ा महत्व है।
गीता के उपदेशों ने उनके संघर्ष के समय में उन्हें सहारा दिया।
कुरुक्षेत्र की पावन भूमि से बुलावा मिलते ही उनके मन में यहां आने और इस धरती को नमन करने की इच्छा जाग उठी।
गीता महोत्सव में उन्होंने अपनी कला के माध्यम से द्रौपदी डांस ड्रामा प्रस्तुत कर अपने मन की भावनाओं को व्यक्त किया।
1995 में बॉलीवुड को अलविदा कहने के बाद मीनाक्षी ने अमेरिका में रहकर अपना समय अपने परिवार को समर्पित किया।
हालांकि, इस दौरान उन्होंने क्रिएटिविटी से जुड़े काम जारी रखे।
अब, परिवार के समर्थन से, वे बॉलीवुड में अपनी दूसरी पारी की शुरुआत करने को उत्सुक हैं।
मीनाक्षी ने कहा कि वे दामिनी और घातक जैसी फिल्मों से प्रेरित स्क्रिप्ट पर काम करना चाहेंगी।
ओटीटी प्लेटफॉर्म से बढ़ी उम्मीदें
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मीनाक्षी का मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने नए और पुराने कलाकारों के लिए बेहतरीन अवसर खोले हैं।
उन्होंने कहा कि जिन कलाकारों को पहले अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच नहीं मिलता था,
ओटीटी उनके लिए वरदान साबित हो रहा है।
मीनाक्षी ने संकेत दिया कि वे 2025 में ओटीटी पर भी नज़र आ सकती हैं।
हरियाणा की माटी और नारी शक्ति का गुणगान
मीनाक्षी ने हरियाणा की कला और संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा
कि इस धरती ने बॉलीवुड को कई बेहतरीन कलाकार दिए हैं।
उन्होंने हरियाणा की नारी शक्ति की भी तारीफ की,
जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
Meenakshi Seshadri – साउथ सिनेमा से प्रेरणा
मीनाक्षी ने साउथ सिनेमा के तेजी से बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के कलाकारों और निर्देशकों ने अपने अद्भुत कार्य से सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।