चंडीगढ़, 24 जुलाई: हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी और लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पूरे राज्य में जनस्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति, बारिश के बाद जल निकासी की स्थिति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
रणबीर गंगवा ने स्पष्ट कहा कि कोई भी निर्माण कार्य घटिया स्तर का नहीं होना चाहिए। अगर कोई ठेकेदार कम रेट पर टेंडर लेकर घटिया सामग्री का इस्तेमाल करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण स्थलों पर सामग्री की गुणवत्ता की जांच हो, सैंपलिंग की प्रक्रिया नियमित रूप से अपनाई जाए और जेई स्तर के अधिकारी हर स्थल की निगरानी करें।
अमृत योजना की परियोजनाओं की जिलावार समीक्षा
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बैठक में अमृत (AMRUT) योजना के तहत प्रदेशभर में चल रही शहरी विकास परियोजनाओं की गहराई से समीक्षा की गई।
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मंत्री ने दो टूक कहा कि इस योजना का मकसद शहरी इलाकों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करना है, इसलिए इसमें कोई देरी या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अफसरों को निर्देश मिला कि सभी प्रोजेक्ट्स की नियमित मॉनिटरिंग करें और तय समय पर पूरे करें।
सीएम घोषणाओं को ज़मीन पर लाना सर्वोच्च प्राथमिकता
रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सिर्फ वादे नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदें हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई परियोजना लंबित है, तो तुरंत रिपोर्ट दी जाए और तेजी से कार्रवाई की जाए। उन्होंने अफसरों को सीएम घोषणाओं को प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए।
बारिश के बाद जल निकासी पर खास फोकस
हाल में हुई तेज़ बारिश के बाद, कई जिलों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बैठक में मंत्री ने भिवानी, लोहारू, सिवानी, आदमपुर, महेंद्रगढ़, सांपला, महम, डबवाली जैसे जिलों से निकासी में लगे समय की रिपोर्ट मंगाई।
उन्होंने कहा:
“जलभराव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विभागों में बेहतर कोऑर्डिनेशन जरूरी है। जल निकासी को और प्रभावी बनाएं।”
5,000 करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
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पूरे हरियाणा में फिलहाल 50 से ज्यादा योजनाएं प्रगति पर हैं, जिनकी लागत 5000 करोड़ रुपये से अधिक है।
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इनमें से कई प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़े हुए हैं।
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इसके अलावा, 297 करोड़ रुपये के 19 स्टॉर्म वॉटर प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं।
आपातकालीन कार्यों के लिए SOP लागू
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जनस्वास्थ्य मंत्री ने राज्य भर में आपात स्थितियों जैसे बारिश, सीवर ब्लॉकेज या बाढ़ के समय तेज़ और असरदार प्रतिक्रिया के लिए बनाए गए Standard Operating Procedure (SOP) को तुरंत लागू करने का आदेश दिया।
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SOP की कॉपी सभी जिलों में भेजी जाएगी।
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उन्होंने अफसरों को सख्त लहजे में कहा कि SOP का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सीवरेज, ट्रीटमेंट प्लांट और सड़कों पर समन्वय ज़रूरी
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मंत्री ने निकाय विभाग और PWD के बीच समन्वय को मजबूत करने की बात की।
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उन्होंने सड़कों की बार-बार खुदाई को लेकर नाराज़गी जताई और कहा:
“पहले सड़क बना देते हैं, फिर पाइपलाइन डालने के लिए तोड़ देते हैं। यह गलत है। पहले से सभी विभागों में तालमेल होना चाहिए।”
जनप्रतिनिधियों की कॉल नज़रअंदाज़ न करें
रणबीर गंगवा ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे जनप्रतिनिधियों के फोन उठाएं और उनकी बात को गंभीरता से लें।
उन्होंने कहा: “जनता की समस्याएं पहले सरपंच, पार्षद या विधायक के पास जाती हैं। जब वे आपकी मदद मांगते हैं, तो उसे नज़रअंदाज़ करना जनता को नजरअंदाज़ करने जैसा है।”
सफाई मशीनों की हालत पर भी समीक्षा
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बैठक में सुपर सक्कर, हाइड्रा मशीन, रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम आदि पर भी चर्चा हुई।
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मंत्री ने कहा कि यदि कोई मशीन खराब है या कम क्षमता से काम कर रही है, तो उसे तुरंत मरम्मत या रिप्लेस किया जाए।
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जरूरत वाले इलाकों में नई सफाई मशीनें भेजने का आदेश भी दिया गया।
जनस्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सीधी जनता से जुड़ी है
रणबीर गंगवा ने अंत में कहा कि: “हमारा विभाग जनता के जीवन से सीधे जुड़ा है। हमारा काम योजनाएं बनाना ही नहीं, उन्हें जमीन पर सही तरीके से लागू करना भी है। जनता का भरोसा हमसे जुड़ा है, इसे बनाए रखना हमारी ज़िम्मेदारी है।”
बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे शामिल
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अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद शाइन
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मुख्य अभियंता देवेंद्र दाहिमा
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अन्य वरिष्ठ अधिकारी जैसे असीम खन्ना, एसई, एक्सईएन, जेई, एसडीओ भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।
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