सन्नाटा, सिसकियां और स्याह दुपट्टा: सोनम रघुवंशी की पहली रात की रहस्यमयी खामोशी!

चंडीगढ़, 10 जून: राजा रघुवंशी हत्याकांड की गूंज सिर्फ मेघालय तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तर प्रदेश से बिहार और वहां से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक इसकी परछाई फैल चुकी है। इसी मामले में मुख्य आरोपी मानी जा रही सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी और उसके बाद की पहली रात, न केवल कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से अहम रही, बल्कि मानव मन के रहस्यों को भी उजागर करने वाली साबित हुई।

गाजीपुर से पटना: एक रहस्यमयी यात्रा की शुरुआत

सोमवार की देर रात, गाजीपुर जिला अदालत परिसर में जब सोनम को शिलॉन्ग पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया, तब वहां हलचल मच गई। करीब 11:30 बजे रात उसे लेकर पुलिस टीम पटना के लिए रवाना हुई। इस दौरान शिलॉन्ग पुलिस के साथ-साथ बिहार पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही। उत्तर प्रदेश की सीमा पार होते ही स्थानीय पुलिस ने जिम्मेदारी बिहार और शिलॉन्ग पुलिस को सौंप दी।

सफर में एक अजीब सन्नाटा

रात के अंधेरे में जब पुलिस का यह काफिला गाड़ियों के काफिले के साथ राजमार्गों पर दौड़ रहा था, तो गाड़ियों के भीतर का माहौल बिल्कुल उलट था। सोनम ने इस पूरे सफर के दौरान एक शब्द भी नहीं बोला। ना किसी सवाल का जवाब दिया, ना पानी मांगा, और ना ही खाना। ऐसा लगा जैसे वह किसी गहरी मानसिक स्तिथि में डूबी हुई है — जैसे खुद से भी बात करना छोड़ दिया हो।

पेट्रोल पंप और बक्सर में भी मौन की चादर

रात करीब 11:45 बजे, काफिला एक पेट्रोल पंप पर रुका। यहां पर पुलिसकर्मियों ने थोड़ी राहत ली और सोनम से बातचीत की कोशिश की, लेकिन वह चुपचाप अपनी सीट पर बैठी रही — सिर पर काला दुपट्टा, चेहरा ढका हुआ और नजरें झुकी हुई। इसके बाद जब रात 1:00 बजे पुलिस दल बिहार के बक्सर ज़िले में स्थित आदर्श नगर थाना पहुंचा, तो वहां भी उसे वॉशरूम की अनुमति दी गई। पुलिसकर्मियों ने कुछ खाया, लेकिन सोनम ने यहां भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी — ना कुछ खाया, ना पीया और ना कुछ बोला।

शिलॉन्ग पुलिस का तनाव, लेकिन मिशन जारी

जब आदर्श नगर थाना से आगे बढ़ा काफिला, तो एक एस्कॉर्ट गाड़ी समय पर नहीं पहुंची। इससे शिलॉन्ग पुलिस असंतुष्ट दिखी और उन्होंने थोड़ी देर के लिए पीछे लौटने का इरादा भी किया। लेकिन मामला संभाला गया और पटना की ओर काफिला फिर चल पड़ा। रास्ते भर सोनम ने कोई आवाज नहीं निकाली, बस कार की पिछली सीट पर एक मूर्तिवत बैठी रही — काले दुपट्टे में लिपटी हुई, मानो कोई कहानी भीतर ही भीतर सुलग रही हो।

ड्राइवर का खुलासा: ‘जैसे वो दुनिया से कट चुकी हो’

इस सफर के दौरान वाहन चला रहे ड्राइवर ज्ञाननजय ने जो बातें बताईं, वो दिलचस्प हैं। उन्होंने बताया, “पूरी रात मैंने देखा कि वो एकदम शांत थी। जैसे कोई मशीन बैठी हो। कोई हरकत नहीं, कोई प्रतिक्रिया नहीं। हमें लगा कि शायद थकान हो, लेकिन इतने लंबे सफर में किसी को प्यास भी ना लगे, ये अजीब था। ना खाना मांगा, ना पानी, ना ही किसी सवाल का जवाब। जैसे वो किसी और ही दुनिया में थी।”

सुबह की पहली किरण के साथ पटना में दस्तक

मंगलवार सुबह 5:40 बजे, आखिरकार काफिला पटना के फुलवारी शरीफ थाना पहुंचा। यहां सोनम को कुछ समय के लिए रोका गया। इस बीच पुलिस ने गुवाहाटी की ओर दो फ्लाइट्स की बुकिंग की — एक दोपहर 12:55 बजे, और दूसरी 3:00 बजे। पहली फ्लाइट कंफर्म होने की स्थिति में सोनम को उसी से शिलॉन्ग रवाना किया जाएगा।

72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड: समय सीमित, जांच गंभीर

शिलॉन्ग पुलिस को अदालत से सोनम के लिए 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली हुई है, जिसके तहत उसे पहले गाजीपुर से पटना और अब पटना से शिलॉन्ग ले जाया जा रहा है। इतने कम समय में पूछताछ, ट्रांसफर और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी हैं — ऐसे में पुलिस हर क्षण का इस्तेमाल बेहद सावधानी और गंभीरता से कर रही है।