राहुल की PM मोदी के साथ बैठक, सरकार के फैसले पर राहुल गांधी का ऐतराज

देश के नए मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए बुधवार को चयन समिति की अहम बैठक हुई. केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में मुख्य सूचना आयुक्त और आठ सूचना आयुक्तों के रिक्त पदों की नियुक्ति होनी है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक केंद्रीय सूचना आयोग में लंबित नियुक्तियों पर विचार करने के लिए आयोजित की गई थी। सरकार ने इससे पहले 1 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा 10 दिसंबर को शीर्ष पदों के लिए अधिकारियों का चयन करेगी।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बैठक

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली इस चयन समिति में विपक्ष के नेता की उपस्थिति यह सुनिश्चित करती है कि नियुक्ति प्रक्रिया में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की राय भी शामिल हो। यह एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। राहुल गांधी का इस बैठक में शामिल होना इस बात का संकेत है कि सरकार विपक्ष को भी महत्वपूर्ण नियुक्तियों में शामिल करने का प्रयास कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार बैठक बुधवार दोपहर एक बजकर 7 मिनट से हुई थी, जो करीब ढाई बजे समाप्त हुई. यह बैठक करीब 88 मिनट तक चली.

दरअसल बुधवार को PMO में हुई इस बैठक की लंबी टाइमिंग को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है. क्योंकि जानकारी केवल मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की थी. 88 मिनट के बाद जब राहुल गांधी पीएमओ से निकलते हैं तो पता चलता है कि इस बैठक में एक मुख्य सूचना आयुक्त, 8 सूचना आयुक्त, और एक सतर्कता आयुक्त की नियुक्तियों पर चर्चा हुई.

राहुल गांधी ने अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराई है

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने इन सभी नियुक्तियों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. कांग्रेस नेता ने लिखित में अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

बैठक में क्या हुआ  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच सीआईसी और सीवीसी के चयन को लेकर हुई बैठक अब समाप्त हो गई है. यह बैठक करीब डेढ़ घंटे चली, अब तक उनकी सबसे लंबी मुलाकात मानी जा रही है.  मिली जानकारी के अनुसार बैठक में राहुल गांधी ने सरकार द्वारा सुझाए गए नामों पर आप/त्ति जताई और आधिकारिक तौर पर डिसेंट नोट भी दर्ज किया.राहुल गांधी ने मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त और सतर्कता आयुक्त इन तीन महत्वपूर्ण पदों के लिए सरकार की तरफ से पेश किए गए नामों पर सहमति देने से इनकार किया.