राहुल गांधी Vs चुनाव आयोग: वोट डिलीशन पर तीखी बहस

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कल की अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का 36 सेकेंड का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ,  फिर सो जाओ – ऐसे भी हुई वोट चोरी! चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा, चोरों को बचाता रहा। गांधी 36 सेकंड के वीडियो में कथित “वोट चोरी” की कार्यप्रणाली के बारे में बता रहे हैं। गुरुवार शाम को एक पोस्ट में राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा था कि देश के युवा, देश के छात्र, देश की जेन जी, संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी रोकेंगे। मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं। जय हिंद!”

 

राहुल ने दिया आलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण

राहुल ने ‘कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा 2023 के चुनाव में किसी ने 6,018 वोट डिलीट करने की कोशिश की। इसकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। हमें नहीं पता कि कुल कितने वोट डिलीट किए गए। इन्हें डिलीट करते समय गलती से मामला पकड़ में आ गया।उन्होंने कहा- हुआ यूं कि वहां की एक बूथ-लेवल अधिकारी ने देखा कि उसके चाचा का वोट डिलीट हो गया है। उसने जांच की तो पाया पड़ोसी ने वोट डिलीट किया था। बीएलओ ने उससे बात की। जब उसने अपने पड़ोसी से पूछा तो उसने कहा कि मैंने कोई वोट डिलीट नहीं किया। यानी न तो जिस व्यक्ति ने वोट डिलीट किया और न ही जिसका वोट डिलीट हुआ- दोनों को इस बारे में कुछ पता था। असल में किसी और ताकत ने सिस्टम को हाई/जैक करके ये वोट डिलीट किए थे। राहुल गांधी ने देर शाम सोशल मीडिया पर कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बहाने बनाना बंद करके सबूत कर्नाटक सीआईडी को तुरंत देने चाहिए। राहुल ने कहा कि जब कांग्रेस के अलंद के उम्मीदवार ने धोखा/धड़ी का पर्दाफाश किया, तो स्थानीय चुनाव आयोग के अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन सीआईडी जांच को सीईसी ने रोक दिया, उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को बर्बा/द कर दिया है। उन्होंने फिर कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी में यही हो रहा है।

आयोग ने आरोपों का किया खंड़न

राहुल गांधी की वोट चो/री फैक्टरी प्रेस वार्ता के 30 मिनट के भीतर की चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खा/रिज कर दिया था। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में इन्हें गलत बताया और इन आरो/पों का खं/डन किया था। चुनाव आयोग ने कहा था कि जैसा भ्र/म प्रचारित किया जा रहा है। किसी भी आम आदमी के मत को ऑनलाइन हटाया नहीं जा सकता है। इसके लिए बकायदा प्रक्रिया है, जिसका पालन किया जाना आवश्यक है। जिसका भी वोट कटेगा उसे अपनी बात कहने का मौका दिया जाता है। बिना सुनवाई के विलोपन संभव ही नहीं है। रिपोर्ट न्यूज पीडिया24