लोकसभा में आज गुरुवार को एलपीजी संकट मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने लोकसभा में एलपीजी का मुद्दा उठाया । जहां देश भर में पेंट्रोल, डीजल और LPG को लेकर अफऱा तफरी मची हुई है वही आज सुबह विपक्ष के सांसदों ने भी देश में सिलेंडर संकट के मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। सांसदों ने संसद के बाहर ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे लगाए।
राहुल ने एलपीजी संकट पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था। वही विपक्ष का द्वारा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज हो गया। इसके बाद लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला 10 फरवरी के बाद अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला । उन्होने राहुल गांधी के लोकसभा में बोलने पर राहुल गांधी से कहा जिस विषय पर नोटिस दिया है उस पर बोलिए। इस पर बोलना है तो नोटिस दीजिए। बतादें यह कोई नई बात नही है जब राहुल गांधी को बोलने से मना किया गया है।
राहुल के इस बयान पर स्पीकर ने नोटिस लाने को कहा
राहुल गांधी ने कहा आज कहा था कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। मैं समझने की कोशिश कर रहा हूं कि यह पहेली क्या है और यह समझौते से जुड़ी लगती है। तेल मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। इस पर माहौल गर्म हो गया ।
राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार को LPG की कमी से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया, इसलिए बड़ी समस्या आने वाली है। राहुल गांधी ने कहा- प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन वह खुद घबराए हुए लग रहे हैं, बिल्कुल अलग वजहों से। वे एप्स्टीन अदाणी केस की वजह से पैनिक हैं।
आपने कल देखा कि सदन के अंदर प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली थी। वह देश से कह रहे हैं कि घबराएं नहीं, जबकि वह खुद परेशान लग रहे हैं।
हरदीप सिंह पुरी का बड़ा बयान
वही इस पर संसद में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है. 100 फीसदी सप्लाई है. दिक्कत की कोई बात नहीं है. पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि इजराइल-ईरान संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाली सप्लाई बाधित हुई है, जहां से दुनिया का 20% क्रूड, गैस और एलपीजी गुजरता है. इसके बावजूद, भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित है क्योंकि भारत ने गैर-हॉर्मुज स्रोतों से अपनी निर्भरता बढ़ाकर 70% कर ली है और अब 40 देशों से तेल खरीद रहा है.
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