‘भारत जोड़ो’ बयान से बढ़ी मुश्किलें: लखनऊ की कोर्ट में पेश होंगे राहुल गांधी, सेना पर टिप्पणी बना सियासी तूफान!

चंडीगढ़, 15 जुलाई: कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए आज का दिन कानूनी मोर्चे पर अहम है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान सेना पर दिए गए एक विवादास्पद बयान के चलते उन्हें आज लखनऊ स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना है। कोर्ट ने उन्हें इस मामले में आरोपी के तौर पर तलब किया है, जिससे यह मामला राजनीतिक गलियारों से निकलकर अब पूरी तरह अदालती दायरे में पहुंच चुका है।

मामला क्या है?

यह विवाद 16 दिसंबर 2022 को तब शुरू हुआ, जब राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा पर हुई सैन्य झड़प के संदर्भ में भारतीय सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा था:

“लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में सवाल कर रहे हैं, लेकिन कोई ये नहीं पूछ रहा कि चीन की सेना ने हमारे सैनिकों की पिटाई कैसे की?”

उनके इस बयान को कई लोगों ने भारतीय सेना का अपमान माना। राहुल गांधी का यह बयान अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प को लेकर था।

कौन ले गया मामला अदालत तक?

इस बयान के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है सीमा सड़क संगठन (BRO) के रिटायर्ड डायरेक्टर उदय शंकर श्रीवास्तव ने। उन्होंने मानहानि का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक झूठा और अपमानजनक बयान देकर भारतीय सेना की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है।

परिवाद में यह भी कहा गया है कि:

  • राहुल गांधी ने जानबूझकर गलत तथ्य रखे।

  • यह बयान एक राजनीतिक यात्रा के दौरान दिया गया, न कि किसी संवैधानिक कर्तव्य के अंतर्गत।

  • इससे सेना और सैनिकों की छवि धूमिल हुई।

सेना का क्या कहना था?

बयान के कुछ ही दिन पहले, यानी 12 दिसंबर 2022 को, भारतीय सेना ने एक आधिकारिक बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया:

  • चीनी सैनिकों ने अतिक्रमण की कोशिश की।

  • भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की और उन्हें वापस खदेड़ दिया।

  • झड़प में दोनों पक्षों को मामूली चोटें आईं।

सेना ने कहीं भी ‘पिटाई’ या एकतरफा नुकसान जैसी बात नहीं कही थी।

कोर्ट का रुख कैसा है?

एमपी-एमएलए कोर्ट, जो खासतौर पर जनप्रतिनिधियों के आपराधिक मामलों की सुनवाई करती है, ने राहुल गांधी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी:

“उनका यह बयान संसद या संवैधानिक पद की जिम्मेदारी के तहत नहीं आता, इसलिए उन्हें धारा 197 CrPC के तहत संरक्षण नहीं मिल सकता।”

इसका मतलब है कि कोर्ट यह नहीं मानती कि यह बयान उनके लोकसभा सदस्य होने की भूमिका के अंतर्गत आता है — इसलिए मामला आगे बढ़ सकता है।

इस बयान के राजनीतिक मायने

राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कांग्रेस के लिए एक राजनीतिक पुनरुत्थान की कोशिश मानी जा रही थी। लेकिन इस यात्रा के दौरान दिया गया बयान अब खुद कांग्रेस के लिए सिरदर्द बनता दिख रहा है।

बीजेपी और अन्य विरोधी दल इसे लेकर राहुल गांधी पर लगातार राष्ट्रविरोधी रवैये का आरोप लगाते रहे हैं, और अब मामला कानूनी मोड़ ले चुका है।

आज क्या होगा कोर्ट में?

  • राहुल गांधी के व्यक्तिगत रूप से पेश होने की संभावना जताई जा रही है।

  • यदि पेश होते हैं, तो उन्हें आरोपों के बारे में अवगत कराया जाएगा और कोर्ट आगे की कार्यवाही तय करेगी।

  • अगर गैरहाजिर रहते हैं, तो उनके वकील पेशी से छूट या अगली तारीख की मांग कर सकते हैं।