सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों के लिए बड़ा फैसला लिया है। पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने राज्य के छात्रों के लिए ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप का लाभ लेने वाले छात्रों की संख्या में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। अब सरकार युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने की दिशा में नया अध्याय जोड़ रही है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम लंबे समय से विवादों में रही थी और बच्चों की भलाई के लिए तय पैसा कहीं और चला जाता था। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार ने इस योजना को सही दिशा में लाया और दोषियों पर कार्रवाई भी की। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि 2021 के अंत तक 1,76,842 बच्चे इस योजना का लाभ ले रहे थे। अब 2024-25 में इनकी संख्या बढ़कर 2,37,456 हो गई है यानी 35% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 5 सालों में 3,71,000 से ज्यादा छात्रों ने इसका फायदा उठाया और दाख़िले बढ़कर 6,78,000 हो गए।
11 बड़े कॉलेज स्कीम से जुड़े
मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि अब 11 बड़े संस्थान भी इस योजना से जोड़े जा रहे हैं। इनमें— एम्स बठिंडा, आईआईटी रोपड़, एनआईटी जालंधर, आईआईएम अमृतसर, नाइपर मोहाली, निफ्ट मोहाली, आईएसआई चंडीगढ़, थापर यूनिवर्सिटी पटियाला, राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पटियाला, आईसर मोहाली और आईएचएम गुरदासपुर शामिल हैं। यहां मेरिट पर दाख़िला लेने वाले गरीब बच्चों को भी योजना का लाभ मिलेगा।
500 विश्वविद्यालयों में मिलेगा प्रवेश
इस स्कीम के तहत वे विद्यार्थी लाभ उठा सकेंगे, जिनकी पारिवारिक आय 8 लाख रुपये से कम है, जिन्होंने 60% से अधिक अंक हासिल किए हैं और जिनकी उम्र 35 वर्ष से कम है। खास बात यह है कि इस योजना में 30 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित रहेंगी। सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों को विदेश में पढ़ाई के लिए भी योजना का लाभ देने का एलान किया है। सरकार की ओर से वीजा, ट्यूशन फीस, हवाई टिकट और मेडिकल इंश्योरेंस का खर्च उठाया जाएगा। एक परिवार के 2 बच्चे इस स्कीम का फायदा ले सकेंगे। इसके लिए एक पोर्टल खोला गया है, जिसमें दुनिया की 500 यूनिवर्सिटियों के नाम शामिल हैं।मंत्री कौर ने यह भी घोषणा की कि मोहाली के अंबेडकर कॉलेज में पीसीएस कोर्स शुरू किया जाएगा। इसमें 40 विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा के आधार पर चुना जाएगा और उन्हें दो माह का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, रिपोर्ट न्यूज पिडिया 24
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