राष्ट्रपति भवन में “गुड़ संदेश से मुरुक्कू” पुतिन के लिए खास भारतीय मेन्यू परोसा गया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 4-5 दिसंबर को  23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे। इस दौरान उन्होंने राजधानी दिल्ली में आयोजित 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लिया। राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पुतिन का औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उनके सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में भी शामिल हुए।

रात्रिभोज में कई वरिष्ठ नेता रहे उपस्थित रहें

राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस रात्रिभोज में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। रूसी प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित भोज में विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को स्थान दिया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में मशरूम और कश्मीरी अखरोट की चटनी से बने गुच्ची दून चेतिन, अचारी बैंगन और पीली दाल तड़का जैसे व्यंजन परोसे गए.

राजकीय भोज में बंगाली मिठाई ‘गुड़ संदेश’ परोसा गया

यह राजकीय भोज राष्ट्रपति पुतिन के लिए आयोजित अंतिम कार्यक्रम था, जिसके बाद वह शुक्रवार 5 दिसंबर 2025 को मॉस्को लौट गए । राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में बंगाली मिठाई ‘गुड़ संदेश’ और दक्षिण भारतीय स्नैक ‘मुरुक्कू’ सहित कई व्यंजन शामिल थे.राजकीय भोज के दौरान नौसेना की बैंड और शास्त्रीय वाद्ययंत्रों के साथ कलाकारों  ने भारतीय शास्त्रीय संगीत, बॉलीवुड धुनों और रूसी रचनाओं का संयोजन प्रस्तुत किया।

मुख्य भोजन भारतीय परंपरा का राजसी रूप

मुख्य कोर्स में उन्हें पनीर के केसरयुक्त रोल, पालक और मेथी से बना गाढ़ा साग, तंदूर में पके भरवां आलू और अचारी स्वाद के बैंगन परोसे गए। साथ ही दाल का देसी तड़का और ड्राई फ्रूट से महकता केसर पुलाव इस थाली को और खास बना रहा। कई वैराइटी की रोटियों की भी एक पूरी टोकरी भी इस राजकीय भोज की शोभा बढ़ा रही थी. लच्छा परांठा, मिस्सी रोटी, मगज़ नान, सतनाज और बिस्कुटी रोटी, जैसे भारत का पूरा स्वाद एक साथ सिमट आया हो।