IPS वाई पूरन केस का खु/लासा: होम थिएटर में दी जा/न, पोस्टिंग को बताया “स/जा” 

चंडीगढ़ : हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार मामले में बड़ा खुलासा हुआ है पूरन कुमार ने एक वसीयत भी लिखकर छोड़ी है, जिसमें सारी संपत्ति अपनी पत्नी के नाम करने की बात कही है. यह वसीयत और सुसाइड नोट मरने से पहले वाई पूरन कुमार ने अपनी पत्नी और दो आईपीएस अधिकारियों को भेजा था. सुसा/इट से एक दिन पहले ही आईपीएस ने 6 तारीख को अपनी वसीयत लिख ली थी और फिर सुसा/इड नोट पर तारीख 7 सितंबर की लिखी है. यानी वह पहले से सुसाइड करने का मन बना चुके थे.

 

IPS वाई पूरन कुमार ने अपनी पत्नी को 15 बार कॉल की

 

सूत्रों के अनुसार, आईपीएस वाई पूरन कुमार ने अपनी पत्नी को 15 बार कॉल की थी, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया था. बताया जा रहा है कि आईएएस पत्नी ने जापान से फिर अपनी बेटी को फोन किया और पापा से बात करने के लिए कहा था. हालांकि, बेटी बाजार में थी और मां से कहा था कि वह घर जाकर बात पिता से बात करेगी. बेटी जब घर पहुंची और बेसमेंट में गई तब जाकर देखा कि वाई पूरन कुमार सोफे पर पड़े हैं और उनके कनपटी से खून बह रहा है. बेटी ने इस पर तुरंत अपने मामा, जो कि  पंजाब  में विधायक हैं, उन्हें फोन किया था.

 

IAS पत्नी चंडीगढ़ पहुंच गई

वाई पूरन कुमार ने सुबह ही अपने रसोईया को कहा था कि वह बेसमेंट में जा रहे हैं और कुछ जरूरी काम कर रहे हैं. ऐसे में किसी को भी नीचे मत आने देना. वाई पुरन कुमार ने अपने घर के बेसमैंट में नीचे बने होम थिएटर रूम में अपनी जान दी थी. उनका यह रूम साउंड प्रूफ था.वही उनकी पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार CM सैनी के साथ जापान दौरे पर गई है । जो अभी तक चंड़ीगढ़ लौटी है । इस वजह से IPS पूरन कुमार का पोस्टमार्टम नही हो पाया है। इसके लिए चंडीगढ़ के सेक्टर 16 स्थित अस्पताल में डॉक्टरों का बोर्ड बना लिया गया है वरिष्ठ IPS अधिकारी ADGP वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस ने हरियाणा पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी. 2001 बैच के IPS अधिकारी के पास से 8 पेज का सुसाइड नोट भी मिला.जिसमें उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति पत्नी के नाम कर दी.

 

साथ ही, उन्होंने अपने करियर में झे/ले गए उत्पी/ड़न और भेदभाव के अनुभव साझा किए और यह भी लिखा कि उनके 8 IPS और 2 IAS अधिकारी सहकर्मियों ने उन्हें लगातार मानसिक और प्रशासनिक दबा/व में रखा. सुसाइड नोट में कुमार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभी/र आरो/प लगाए. सबसे ज्यादा निशाना उन्होंने पूर्व डीजीपी हरियाणा को बनाया. नोट में उन्होंने जातिवाद पोस्टिंग में भेद/भाव, एसीआर में गड़/बड़ी, सरकारी आवास न मिलने और प्रशासनिक शिका/यतों में अनदेखी का जिक्र किया.

 

PSO और रिश्व/त का मामला

 

पुलिस जांच में सामने आया कि पूरन कुमार के PSO सुशील कुमार ने अपने सीनियर का नाम लिया. सुशील ने स्वीकार किया कि उन्होंने पूरन कुमार के कहने पर शराब कारोबारी से मंथली राशि मांगी. शराब कारोबारी प्रवीण बंसल ने रोहतक में FIR दर्ज करवाई. बंसल ने कहा कि जून–जुलाई में IG ऑफिस से कॉल आया. वहां बुलाकर धम/काया गया और कहा कि सुशील से मिलकर मंथली तय कर लो. कुछ दिन बाद सुशील मेरे ऑफिस आया और 2.5 लाख रुपये की मांग की. जब मैंने इंकार किया तो मानसिक और शारीरिक रूप से प्रता/ड़ित किया गया. FIR के आधार पर सुशील को गिर/फ्तार कर जेल भेजा गया. जांच के दौरान एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई, जिसमें सुशील कारोबारी से पैसों की बात करता नजर आया.

 

छुट्टी पर थे पूरन कुमार

 

सूत्रों के मुताबिक 29 सितंबर को उन्हें रोहतक रेंज के IG पद से हटाकर PTC सुनारिया में IG के तौर पर भेजा गया. तब से वे छुट्टी पर थे. कई वरिष्ठ अधिकारी इस तबादले को सजा देने वाली पोस्टिंग मान रहे थे.

हांलाकि चंडीगढ़ पुलिस जांच में जुटी है और अभी तक सुसा/इट नोट में लिखी बातों का खुलासा नहीं किया है।