प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इथियोपिया के दौरे पर हैं। मंगलवार को इथियोपिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री अबी अहमद अली खुद PM मोदी का शानदार स्वागत किया था। PM मोदी प्रधानमंत्री अली के निमंत्रण पर इथियोपिया की यात्रा कर रहे हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया की पहली यात्रा है। अफ्रीकी देश इथियोपिया ने मंगलवार को PM मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया था. वे ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ पाने वाले पहले ग्लोबल लीडर बन गए हैं.
17 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इथोयोपिया की संसद में भाषण दे रहे हैं. यह दुनिया की 18वीं संसद है, जहां PM मोदी स्पीच दे रहे हैं. PM मोदी ने सर्वोच्च सम्मान के लिए सबका आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ‘ये सम्मान मेरा नहीं, पूरे भारत का है.’PM मोदी ने इथियोपिया संसद में पहलगाम हमले की भी निंदा की.
“इथियोपिया को ‘लैंड ऑफ लायंस’ कहा जाता है”
PM मोदी ने इथियोपिया को ‘लैंड ऑफ लायंस’ कहा और बताया कि उनकी होम स्टेट गुजरात भी शेरों का घर है, इसलिए उन्हें यहां घर जैसा लग रहा है. भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से उन्होंने दोस्ती, सद्भावना और भाईचारे की शुभकामनाएं दीं. इस महान इमारत को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां लोगों की इच्छा राज्य की नीति बनती है.
PM मोदी ने भारत और इथियोपिया की दोस्ती पर कहा, ‘हमारी सांस्कृति विरासत एक जैसी है. लोकतंत्र के मंदिर में आना मेरे लिए गर्व की बात है. मैं 140 करोड़ लोगों का संदेश लाया हूं.’
अदिस अबाबा में संसद को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि ‘कल मुझे ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से भी सम्मानित किया गया। मैं यह सम्मान हाथ जोड़कर और विनम्रता के साथ भारत की जनता की ओर से स्वीकार करता हूं। इस महान भवन में आपके कानून गढ़े जाते हैं, यहां जनता की इच्छा राज्य की इच्छा बनती है, और जब राज्य की इच्छा जनता की इच्छा के साथ सामंजस्य में होती है, तब योजनाओं का पहिया आगे बढ़ता है।
मैं भारत की ओर से भाईचारे का संदेश लेकर आया-PM
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं आपके संसद, आपकी जनता और आपकी लोकतांत्रिक यात्रा के प्रति गहरे सम्मान के साथ आपके सामने आया हूं… भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से मैं मित्रता, सद्भावना और भाईचारे का संदेश लेकर आया हूं। भारत का राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और इथियोपिया का राष्ट्रगान—दोनों ही हमारी धरती को मां के रूप में संबोधित करते हैं। ये हमें अपनी विरासत, संस्कृति और सुंदरता पर गर्व करने तथा मातृभूमि की रक्षा करने की प्रेरणा देते हैं।’
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