PM मोदी ने वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का किया उद्घाटन

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन किया।  फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री मंत्रालय ने 25 से 28 सितंबर 2025 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड फूड इंडिया (WFI) 2025 का चौथे संस्करण को आयोजित किया है। इस दौरान रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री मंत्री चिराग पासवान और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री व रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू मौजूद रहें । इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एक बड़ा मंच है। इसका लक्ष्य भारत के फूड प्रोसेसिंग और कृषि क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा  स्टार्टअप इकोसिस्टम  है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत का फूड प्रोसेसिंग सेक्टर पिछले 10 सालों में 20 गुना बढ़ गया है। उन्होंने इसका श्रेय केंद्र सरकार की पीएलआई स्कीम और मेगा फूड पार्कों जैसी पहलों को दिया। इन योजनाओं से विकास को बहुत बढ़ावा मिला है।

दिल्ली के भारत मंडपम में वर्ल्ड फूड इंडिया 2025  के उद्घाटन पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा दे रही है। पीएलआई स्कीम और मेगा फूड पार्कों ने विकास को गति दी है। भारत लगातार वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान दे रहा है। यानी भारत दुनिया में खाने की चीजों की कमी को दूर करने में मदद कर रहा है

 

निवेश के लिए भारत आकर्षक स्थान

पीएम मोदी ने भारत को भोजन और कृषि में निवेश  के लिए दुनिया का सबसे आकर्षक स्थान बताया। उन्होंने कहा कि आज भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है। इनमें से कई स्टार्ट-अप फूड और एग्रीकल्चर सेक्टर में काम करते हैं। हमारे स्टार्ट-अप सप्लाई चेन, रिटेल और प्रोसेसिंग को बदल रहे हैं। भारत में विविधता, मांग और इनोवेशन है। ये सभी कारक भारत को निवेश के लिए सबसे आकर्षक जगह बनाते हैं।

 

खाने-पीने के कारोबार में बहुत संभावनाएं

प्रधानमंत्री ने भारत की विविधता, मांग और पैमाने की अनूठी ताकत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश हर तरह का अनाज, फल और सब्जी पैदा करता है, जबकि हर 100 किलोमीटर पर खाने की पसंद बदल जाती है। उन्होंने कहा कि इस विविधता के साथ-साथ मजबूत उपभोक्ता मांग देश को वैश्विक खाद्य क्षेत्र में एक खास पहचान दिलाती है। भारत में हर तरह के लोग रहते हैं और उनकी पसंद भी अलग-अलग है, जिससे यहां खाने-पीने के कारोबार में बहुत संभावनाएं हैं।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह आयोजन केवल ट्रेड शो नहीं बल्कि एक “परिवर्तनकारी मंच” है जो भारत को खाद्य नवाचार, निवेश और स्थिरता का वैश्विक केंद्र बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह आयोजन “Food Basket of the World” के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। रिपोर्ट न्यूज पीडिया24