चंडीगढ़, 20 जनवरी, 2026 पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर हमला करते हुए कहा कि राजा साहिब गुरुद्वारा बंगा से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के मीसिंग 328 स्वरूपों को लेकर चल रहे विवाद में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पंजाब के लोगों से न केवल माफी मांगें, बल्कि इसका पश्चाताप भी करें। उन्होंने कहा कि स्वरूपों की मिसिंग का मामला शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) का अंदरूनी मामला है, ये कोई बेअबी का मामला नहीं है।
इसके साथ ही परगट सिंह ने कहा कि बदकिस्मती वाली बात है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मिसिंग स्वरूपों में से 169 स्वरूपों के मिल जाने को लेकर गुमराह करने वाली स्टेटमैंट दी और इस मामले में सरकार ने यू-टर्न भी ले लिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर रोज ही नहीं बल्कि हर घड़ी किसी न किसी मुद्दे पर यू-टर्न लेती है।
बतादे सीएम मान ने माघी मेले के दौरान दावा किया था कि राजा साहिब से गुम हुए 328 स्वरूपों में से 169 स्वरूप बंगा के पास से मिल चुके हैं, जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं थी। सीएम मान ने पंजाब के लोगों को गलत बयानबाजी करके गुमराह किया। बाद में पंजाब सरकार को इस मामले में यू-टर्न लेना पड़ा। सरकार ने मान लिया कि स्वरूप नहीं मिले हैं। इस मामले में झूठी पड़ी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंजाब के लोगों से माफी मांग लेनी चाहिए।
ऑप्रेशन प्रहार पर परगट का तंज, कानून-व्यवस्था पर सवाल
वहीं, परगट सिंह ने पंजाब सरकार की तरफ से शुरू किए गए ऑप्रेशन प्रहार को लेकर भी तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने एक और शगुफ्ता छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले पंजाब सरकार ने नशा खत्म करने को लेकर युद्ध नशेयां विरुध चला रखा है, जिसमें सरकार की तरफ से दावा किया गया था कि पंजाब को नशामुक्त कर दिया जाएगा। लेकिन दो चरण की मुहिम के बावजूद लगातार युवा नशे से मारे जा रहे हैं। एक ही परिवार के 6 लोग नशे की भेंट चढ़ गए। सरकार इस मामले में चुप है, इसका जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है।
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