राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस: हरियाणा में पंचायतों के लिए ऐतिहासिक रहा यह दिन, मिला 368 करोड़ का विकास पैकेज!

चंडीगढ़, 24 अप्रैल: राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर हरियाणा की पंचायतों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य स्तरीय ग्राम उत्थान समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री ने 368 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का ऐलान किया, जिससे गांवों का स्वरूप बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।

इस अवसर पर पंचकूला में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने जहां 923 विकास कार्यों का उद्घाटन किया, वहीं 413 कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। यह सभी योजनाएँ राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक बुनियादी ढांचे और स्वावलंबन को मज़बूती प्रदान करेंगी।

पंचायतों को आर्थिक मजबूती: ₹573 करोड़ की ट्रांसफर

प्रदेश की 22 जिला परिषदों, 142 पंचायत समितियों और 5388 ग्राम पंचायतों को स्टाम्प ड्यूटी के अंश के रूप में ₹573 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। इससे पंचायतें अपने स्तर पर विकास कार्यों में आत्मनिर्भर होंगी और स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार योजनाओं को कार्यरूप दे सकेंगी।

महिला चौपालों और प्रतिनिधियों के लिए विशेष योजनाएँ

महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 511 ग्राम पंचायतों को महिला चौपालों के निर्माण हेतु ₹18.28 करोड़ की राशि जारी की गई। इसके साथ-साथ, 411 जिला परिषद सदस्यों और 3081 पंचायत समिति सदस्यों को मानदेय के रूप में कुल ₹1.45 करोड़ की राशि दी गई।

पंचायतों के लिए नई प्रेरणा: मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ‘मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना’ का शुभारंभ किया, जिसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, कृषि उत्पादकता, डिजिटल संपर्क और टिकाऊ बुनियादी ढांचे में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा।

  • प्रथम पुरस्कार: ₹51 लाख

  • द्वितीय पुरस्कार: ₹31 लाख

  • तृतीय पुरस्कार: ₹21 लाख

यह पुरस्कार पंचायतों को स्थानीय विकास कार्यों में खर्च करने के लिए दिए जाएंगे।

नेताओं की उपस्थिति ने समारोह को बनाया खास

समारोह में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

‘मेरा गांव-मेरी धरोहर’ पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री ने ‘मेरा गांव-मेरी धरोहर’ पुस्तक का विमोचन करते हुए बताया कि इसमें हर जिले से एक गांव की कहानी को संजोया गया है – जो उसकी धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती है। कुल 22 कहानियाँ इस पुस्तक में शामिल की गई हैं, जो हरियाणा की ग्रामीण संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाएंगी।

41,591 नए पेंशन लाभार्थियों को सीधा फायदा

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 41,591 नए लाभार्थियों को पेंशन लाभ भी वितरित किया। ₹12.59 करोड़ की राशि सीधे इन नागरिकों के बैंक खातों में भेजी गई। उन्होंने कहा कि अब बुज़ुर्गों और दिव्यांगजनों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, क्योंकि राज्य सरकार ने पेंशन प्रक्रिया को प्रो-एक्टिव बना दिया है।

ट्रेनिंग किट और रिफ्रेशर कोर्स की सौगात

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायत प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग किट वितरित करने की भी शुरुआत की। इस वर्ष 71,000 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें उन्हें पड़ोसी राज्यों के सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण विकास मॉडल देखने का मौका भी मिलेगा।

“हरियाणा की पंचायतें अब खुद लिखेंगी अपना विकास-पत्र!”

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2025 हरियाणा के लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भरता की ओर एक मज़बूत कदम साबित हुआ है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में पंचायतों को न केवल आर्थिक बल मिला, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई पहचान मिली।