Operation Mahadev: भारत ने लिया हिसाब, संसद ने सुनाया जवाब!

चंडीगढ़, 29 जुलाई: भारत की संसद का मानसून सत्र इस बार सिर्फ विधायी कामकाज तक सीमित नहीं रहा। यह सत्र बन गया एक कड़ा संदेश — आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई का। ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जो कि जम्मू-कश्मीर की बैसरन घाटी में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले का बदला था, अब संसद के भीतर तीखी बहस और राजनीतिक बयानबाज़ी का केंद्र बिंदु बन चुका है।

 22 अप्रैल 2025: बैसरन घाटी का दर्दनाक हमला

जम्मू-कश्मीर के बैसरन घाटी में हुए 26 पर्यटकों की हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। यह हमला न सिर्फ कायराना था, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा को खुली चुनौती भी। उस समय विपक्ष और जनता दोनों ने सरकार से कठोर जवाब की मांग की थी।

चार महीने की खामोश रणनीति और खुफिया तैयारी के बाद भारत ने अंजाम दिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ – एक सीमापार सैन्य कार्रवाई, जो न सिर्फ जवाब था, बल्कि एक चेतावनी भी।

 राजनाथ सिंह ने खोले ऑपरेशन के राज

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में अपने संबोधन के दौरान खुलासा किया कि

“भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमले किए हैं। यह कार्यवाही ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई। हमने आतंक के हर चेहरे को पहचानकर उसे खत्म किया।”

उन्होंने कहा कि भारत की नीति अब स्पष्ट है –
“Zero Tolerance towards Terrorism.”
भारत न तो किसी हमले को भूलेगा और न ही उसका जवाब देने में देर करेगा।

 अमित शाह की विस्तृत रिपोर्ट: आतंकियों की पहचान से लेकर हथियारों की बरामदगी तक

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में मंगलवार को विस्तृत बयान देते हुए बताया कि यह ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया गया:

  • संयुक्त बल: जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और भारतीय सेना ने इस मिशन को मिलकर पूरा किया।

  • आतंकियों की पहचान: तीन आतंकी – सुलेमान, जिब्रान और अफजल को ढेर किया गया।

  • हथियारों की बरामदगी:

    • एक M9 अमेरिकन असॉल्ट राइफल

    • दो AK-47 राइफलें

    • बड़ी संख्या में गोलियां और विस्फोटक

  • वैज्ञानिक पुष्टि:

    • जो गोलियां बैसरन घाटी के हमले में इस्तेमाल हुई थीं, वही कारतूस इन आतंकियों के पास से बरामद किए गए।

    • फॉरेंसिक टीमों ने मिलान की पुष्टि की।

 संसद में बहस: सवाल-जवाब और विपक्ष का रुख

इस बड़ी कार्रवाई के बाद संसद में गर्म माहौल बना रहा। लोकसभा में उप नेता गौरव गोगोई ने सरकार से तीखे सवाल किए:

  • हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही थीं?

  • खुफिया तंत्र की विफलता क्यों हुई?

  • क्या हम केवल जवाबी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे?

प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी आज इस विषय पर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता, जवाबदेही और दीर्घकालिक रणनीति की मांग की है।

 राज्यसभा में 16 घंटे की मैराथन बहस

आज राज्यसभा में भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर 16 घंटे की लंबी बहस तय की गई है, जहां सत्तापक्ष अपनी सुरक्षा नीति को मजबूत और सटीक बता रहा है, वहीं विपक्ष सरकार से पहले की चूक को लेकर जवाब मांग रहा है।

 ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के राजनीतिक और रणनीतिक संदेश

बिंदु असर
 टारगेटेड स्ट्राइक भारत की सीमापार मार करने की क्षमता फिर से सिद्ध
 जीरो टॉलरेंस नीति आतंक के खिलाफ कठोर और निर्णायक दृष्टिकोण
 सियासी बहस सरकार की सुरक्षा रणनीति पर विपक्ष का सवाल
 फॉरेंसिक प्रमाण आतंकियों की भूमिका की वैज्ञानिक पुष्टि
 जनता का समर्थन अधिकांश जनता ने ऑपरेशन को सराहा, भावनात्मक जुड़ाव