इंदौर दूषित पानी.. कोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि खराब कर दी..

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से पैदा हुआ स्वास्थ्य संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी ने अब तक 17 लोगों की जान ले ली है और 110 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। यह केवल बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासन और न्याय की चुनौती भी बन चुका है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे हैं इस मामले को लेकर एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई चल रही हैो।वही प्रशासन राहत पहुंचाने में जुटा है

भागीरथपुरा में सोमवार को उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए। इनमें से 6 मरीजों को अरबिंदो हॉस्पिटल में रेफर किया गया। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा चुका है, जिनमें से 311 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने टैंकरों से पानी की सप्लाई, लाइन लीकेज सुधार और दवा वितरण का निरीक्षण किया।

इस मामले में जोन-4 के जोनल अधिकारी और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि सब इंजीनियर की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं

वही इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि खराब कर दी है इंदौर शहर  देश का सबसे स्वच्छ शहर है, लेकिन इस दूषित पेयजल की वजह से यह पूरे भारत में चर्चा का विषय बन गया है। वही कोर्ट की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।