15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा जाता है. भगवान शिव की आराधना के लिए यह पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखकर शिवलिंग का विधि-विधान से अभिषेक और पूजा करते हैं।धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई शिव पूजा से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं
मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग की पूजा करने से और व्रत रखने व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार,जो भक्त सच्चे मन से महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अविवाहित लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है
जैसे की हर सोमवार को हम भगवान शिव की पूजा करते है वैसे ही महाशिवरात्री को भी भगवान शिव की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना करें और शिव चालीसा का पाठ करें साथ ही भगवान शिव की आरती भी करें।
शिवजी को सादगी प्रिय है. यदि आप पूरी श्रद्धा से ये चीजें अर्पित करते हैं, तो आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं.
कच्चा दूध और गंगाजल: शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए शुद्ध कच्चा दूध और गंगाजल सबसे उत्तम माना जाता है.
बेलपत्र: महादेव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है. ध्यान रखें कि बेलपत्र कटा-फटा न हो और उसमें तीन पत्तियां एक साथ जुड़ी हों.
अक्षत: पूजा में साबुत चावल का प्रयोग करें. टूटे हुए चावल कभी न चढ़ाएं.
शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए तांबे का पात्र श्रेष्ठ है, लेकिन तांबे के बर्तन में दूध डालकर अभिषेक नहीं करना चाहिए. दूध के लिए चांदी या स्टील के बर्तन का प्रयोग करें.
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