1 नवंबर को पंजाब दिवस मनाया जाता है यह दिन पंजाब के इतिहास में बेहद खास है यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है जब साल 1966 में भाषाई और प्रशासनिक आधार पर पंजाब का पुनर्गठन किया गया था। 1 नवंबर 1966 — एक ऐसा दिन जिसने पंजाब के भूगोल, भाषा और संस्कृति को नई पहचान दी।
पंजाबी भाषी क्षेत्रों को मिलाकर नए पंजाब राज्य का गठन किया गया, जबकि हिंदी भाषी क्षेत्रों को अलग करके हरियाणा और पहाड़ी क्षेत्रों को मिलाकर हिमाचल बनाया गया। इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य था — पंजाब की सांस्कृतिक और भाषाई एकता को सशक्त बनाना। इसके बाद से, हर साल 1नवंबर को पंजाब दिवस के रुप मे मनाया जाने लगा जो पंजाबी भाषा, साहित्य, लोककला और परंपराओं के गौरव का प्रतीक बन चुका है। बतादें पंजाब का पहला विभाजन 15 अगस्त 1947 को हुआ और आधा पंजाब पाकिस्तान में रह गया. फिर 1 नवंबर 1966 को पंजाब से हरियाणा और हिमाचल प्रदेश बनाये गए.
इसके साथ ही 1 नवंबर के दिन भारत में कई ऐतिहासिक बदलाव हुए थे. कई साल पहले आज ही के दिन देश के विभिन्न राज्यों को भाषा के आधार पर पुनर्गठित करने का निर्णय लिया गया था. आज ही के दिन वर्ष 1956 से वर्ष 2000 तक भारत के छह अलग-अलग राज्यों का जन्म हुआ. इसमें पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और केरल शामिल हैं.
पंजाब’ फ़ारसी के दो शब्दों पंज और आब से मिलकर बना
पंजाब’ फ़ारसी के दो शब्दों पंज और आब से मिलकर बना है. ये पांच नदियों सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब और झेलम से मिलकार बना हैं. यूनानी लोग पंजाब को पेंटापोटामियंस के नाम से जानते थे, जो पांच एकत्रित नदियों का एक अंतर्देशीय डेल्टा है. ऐतिहासिक रूप से, पंजाब यूनानियों, मध्य एशियाई, अफगानियों और ईरानियों के लिए भारतीय उपमहाद्वीप का प्रवेश द्वार रहा है. पंजाब का सबसे बड़ा उद्योग कृषि है और पंजाब को भारत का अन्न भंडार भी कहा गया है भारत में गेहूँ और चावल का सबसे बड़ा योगदान पंजाब का है।
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