चंडीगढ़, 9 जुलाई: नोएडा के सेक्टर 87 स्थित नया गांव की गली नंबर 1 में मंगलवार देर रात एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। एक चार मंजिला आवासीय इमारत में गैस सिलेंडर के फटने से जबरदस्त आग लग गई, जिससे पूरा इलाका दहशत में आ गया। हादसे के समय इमारत के भीतर करीब 100 से अधिक लोग मौजूद थे जो घंटों तक धुएं और आग के बीच फंसे रहे। राहत की बात यह रही कि दमकल विभाग ने पूरी मुस्तैदी के साथ सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
रात करीब 11:30 बजे मिली सूचना, 8 मिनट में पहुंची दमकल टीम
घटना की सूचना मिलते ही नोएडा फायर ब्रिगेड की टीम पूरी तत्परता के साथ हरकत में आ गई। फायर ऑफिसर प्रदीप कुमार के मुताबिक, उन्हें रात लगभग 11:30 बजे कॉल मिली कि नया गांव में एक मकान में सिलेंडर फट गया है। सिर्फ 8 मिनट के अंदर दमकल की पहली टीम मौके पर पहुंच गई और बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया।
जब टीम मौके पर पहुँची, तो पाया कि आग ने इमारत के अंदर भयावह रूप ले लिया था और उसमें फंसे 100 से ज्यादा लोगों की जान खतरे में थी। दमकलकर्मियों ने तत्काल आग पर काबू पाने के साथ-साथ सभी लोगों को सीढ़ियों, खिड़कियों और छत के रास्ते बाहर निकालना शुरू कर दिया।
पहली मंजिल पर हुआ ब्लास्ट, पूरे भवन में भर गया धुआं
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि सिलेंडर पहली मंजिल पर उस समय फटा जब वहाँ खाना पकाया जा रहा था। धमाका इतना तेज था कि कुछ ही सेकंड में पूरा भवन धुएं और गर्म हवाओं से भर गया। चूंकि घटना रात में हुई थी, अधिकतर लोग या तो सो रहे थे या कमरे बंद किए हुए थे। जैसे ही आग लगी, कई लोग घबराहट में ऊपर की मंजिलों पर फंस गए।
फायर टीम ने समय रहते दरवाजे तोड़े, लोगों को जगाया और उन्हें बाहर निकाला। घटना के दौरान करीब एक घंटे तक लोग अंदर फंसे रहे, लेकिन कोई गंभीर घायल नहीं हुआ।
6 दमकल गाड़ियाँ और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म ने निभाई अहम भूमिका
इमारत की ऊँचाई और संकरी गलियों के कारण आग बुझाना एक बड़ी चुनौती था। ऐसे में 6 दमकल गाड़ियाँ और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मौके पर भेजा गया। यह प्लेटफॉर्म आग तक पहुंच बनाने और ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को निकालने में बेहद उपयोगी साबित हुआ।
फायर ऑफिसर ने बताया कि यदि प्रतिक्रिया में थोड़ी भी देरी होती, तो यह हादसा बहुत बड़ी जनहानि में बदल सकता था।
सिलेंडर सुरक्षा पर एक बार फिर उठा सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया कि गैस सिलेंडर सुरक्षा को लेकर लापरवाही कितना बड़ा खतरा बन सकती है। शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में, जहां इमारतें करीब-करीब जुड़ी होती हैं, ऐसे हादसों में आग बहुत तेजी से फैल सकती है।
आवश्यक है कि लोग गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें, रेगुलेटर, पाइप और वॉल्व की समय-समय पर जांच करें, और आपातकालीन स्थितियों के लिए फायर अलार्म या सेफ्टी गियर रखें।
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