हरियाणा के बहुचर्चित केस मनीषा प्रकरण में एक नया मोड़ आज आया, अब भिवानी पुलिस ने CBI को केस ट्रांसफर के लिए चिठ्ठी भेज दिया है,और तकरीबन 10 दिनों के अंदर पुलिस फिजिकल फाइल भी CBI को सौंप देगी, जानकारी के मुताबित ,हरियाणा की CBI यूनिट इस केस की जांच कर सकती है, केस में इन्वेस्टिगेशन टीम पूरे केस की पूरी डिटेल लिखकर CBI को देगी, इसके साथ ही दिल्ली एम्स में मनीषा के हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी CFSL को सौंपी जायेगी, यानी अब मनीषा केस की गहनता और निष्पक्षता के साथ जांच होगी, हांलाकि पुलिस ने मनीषा के मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवा ली है, पुलिस का कहना है मनिषा ने 11 अगस्त को अपने पिता को फोन किया था, पिता ने जो बयान दिये है वे इस हिसाब से मैच हो रहे हैं, वही अभी और कुछ पुलिस साफ नही बता रहीं है केस की गहन जांच के लिहाज से ,पुलिस का कहना मनीषा चली गई और उसकी हिस्ट्री को जाहिर करना अब ठीक नहीं है, हांलाकि मामला बेहद संवेदनशील है इस वजह से सरकार ,डीजीपी से लेकर लोकल पुलिस प्रशासन लगातार सजग और सचेत रहें है, CM सैनी के आदेश के बाद पल पल बनते बिगड़ते माहौल के बीच हरियाणा के DGP लगातार भिवानी पुलिस के अधिकारिंयों के संपर्क में रहें हैं, डीजीपी ने सीबीआई जांच की बात कही और शरारती तत्वों पर कार्रवाई की चेतावनी दी। सुसाइड नोट के बारे में उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट मनीषा के बैग में मिला था। बगैर जांच व बेटी की निजता के चलते पत्र सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। जो सुसाईड नोट मिला, उसको सही-गलत सिद्ध करने में समय लगा है। वहीं परिजनों ने सरकार से न्याय की उम्मीद जताई है, आपको बतादें 11 अगस्त को शिक्षिका मनीषा स्कूल की छुट्टी के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी और 13 अगस्त को उसका श/व सिंघानी गांव के खेतों में नजर किनारे मिला। स्वजनों ने ह/त्या के आरोप लगाए। पुलिस और मेडिकल जांच में की/टना/शक दवा के सेवन से मौ/त का कारण सामने आया। स्वजनों की मांग पर मुख्यमंत्री नायब सिंह ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए।
इस दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चंढूनी ने बयान दिया था –“यह बहुत दुखदाई घ/टना है, सरकार को ऐसी घटनाओं पर गंभीर होना पड़ेगा। इस मामले में पहले ही पारदर्शिता से जांच हो जाती तो मामला इतना नहीं बढ़ता। एम्स से पो/स्टमार्टम करने व सीबीआई जांच की मांग पूरा होने से लोग संतुष्ट हुए है। इस मा/मले में किसी भी आरोपित को बचाने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले में यदि किसी पुलिस अधिकारी की भी गलती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस आंदोलन के दौरान कोई मुकदमा दर्ज हुआ है तो उन्हें भी वापस लिया जाए और कोई गिरफ्तार किए गए हैं उनको भी रिहा किया जाए” – रिपोर्ट न्यूज पीडीया 24
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