कुरुक्षेत्र में बनेगा नया बाईपास, बढ़ेगी सुविधा और कनेक्टिविटी!

Naib Singh Saini

हरियाणा के CM Nayab Singh Saini ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने कुरुक्षेत्र बाईपास के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है।

यह बाईपास क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ-साथ आस-पास के निवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की सुविधा प्रदान करेगा।

निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा,

और इसके पूरा होने के बाद कुरुक्षेत्र व आसपास के क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा बुधवार को कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान 48 कोस तीर्थ सम्मेलन में की।

उन्होंने कहा कि इस बाईपास से कुरुक्षेत्र को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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CM Nayab Singh Saini – 48 कोस तीर्थ योजना को नई दिशा

नायब सिंह सैनी ने कहा कि ब्रज क्षेत्र की 84 कोस यात्रा की तरह अब कुरुक्षेत्र की 48 कोस तीर्थ यात्रा को भी एक विशेष योजना के तहत विकसित किया जाएगा।

इस योजना में तीर्थ स्थलों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित कर उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री कृष्ण सर्किट योजना के तहत महाभारत युद्ध से जुड़े 134 स्थलों को लगभग 175 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा।

इसके अलावा, गीता स्थली ज्योतिसर में महाभारत थीम पर आधारित एक ज्योतिसर अनुभव केंद्र बनाया जा रहा है,

जिसमें 205 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इस अनुभव केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र को भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा

और हरिद्वार से जोड़ने के लिए रेल सेवा शुरू करने की भी घोषणा की।

इसके अलावा, कुरुक्षेत्र में धार्मिक महत्व के कई मंदिरों और संस्थानों का निर्माण भी हो रहा है।

इनमें उत्तर भारत का श्री तिरुपति बालाजी मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, और ज्ञान मंदिर प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कुरुक्षेत्र की 48 कोस भूमि में 367 तीर्थ स्थल हैं,

जिनमें से कुछ समय के साथ लुप्त हो चुके थे।

हाल ही में हुए सर्वेक्षण में 164 तीर्थ स्थलों की पहचान की गई है,

और इनमें 18 नए तीर्थ स्थलों को शामिल किया गया है।

यह कार्य अभी भी जारी है, और निकट भविष्य में और भी तीर्थ स्थल जोड़े जाने की संभावना है।

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्य

पिछले 5 वर्षों में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को 76 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है,

जिसमें से 57 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

इन फंड्स का उपयोग तीर्थ स्थलों के विकास, पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने

और धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के केंद्रों को स्थापित करने में किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 48 कोस तीर्थ योजना के तहत कुरुक्षेत्र को वैश्विक स्तर पर एक सांस्कृतिक

और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

उन्होंने 48 कोस तीर्थ पुस्तक, तीर्थ स्थलों के लिए बनाए गए क्यूआर कोड

और कुरुक्षेत्र टूर गाइड के प्रथम व द्वितीय संस्करण का विमोचन भी किया।

नए युग के लिए कुरुक्षेत्र तैयार

कुरुक्षेत्र में हो रहे विकास कार्य न केवल धार्मिक महत्व को संजोएंगे

बल्कि यहां के लोगों को आर्थिक और सामाजिक लाभ भी पहुंचाएंगे।

तीर्थ यात्रा और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से यह पवित्र भूमि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगी।