बॉलीवुड में हीरो बहुत हैं और बहुत हीरो आए अपने तकदीर आज़माने नवाजुद्दीन सिद्दीकी का नाम उस कतार के सबसे आगे वाले खिलाड़ीयों में से एक हैं. नेटफ्लिक्स की नई फिल्म ‘रात अकेली है – द बंसल मर्डर्स’ में वो एक बार फिर अपने पुराने अवतार ‘जटिल यादव’ में लौटे हैं. नाम जटिल है, काम भी जटिल है, बतादें नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक बार खुद को सबसे ‘अग्ली लुकिंग’ एक्टर कहा था, लेकिन इस फिल्म को देखने के बाद आप कहेंगे कि नवाज से ज्यादा खूबसूरत टैलेंट किसी और का नहीं है।
फिल्म में अभिनय की बात करें तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी जटिल यादव की जटिलता को बड़ी ही सहजता से निभा जाते हैं और फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी जिस केस में फंसे हैं, वो काफी ज्यादा पेचीदा है. अगर आप भी मर्डर मिस्ट्री के शौकीन हैं और रईस खानदानों के स्याह सच को करीब से देखना चाहते हैं, तो ये फिल्म आपके लिए ही है. पर क्या ये फिल्म सिर्फ एक और पुलिसिया कहानी है या इसके पीछे कोई बहुत गहरा सियासी खेल छिपा है
सिद्दीकी पुलिस के पात्र को बिना हीरो बनाए, उसे वास्तविकता के करीब रखते हैं, जो घर में मां के सामने आदर्शवादी बेटा है, लेकिन फील्ड पर सख्त पुलिस इंस्पेक्टर। वहीं चित्रांगदा सिंह ने स्क्रिप्ट के दायरों में रहकर मीरा के परतदार पात्र को बखूबी निभाया है, जटिल यादव के रोल में नवाज ने जान फूंक दी है. उनकी एक्टिंग में एक किस्म का ‘कंट्रोल’ है. वो हीरोपंती नहीं दिखाते, वो बस एक थके हुए लेकिन जिद्दी पुलिसवाले की तरह धीरे-धीरे सच की तरफ बढ़ते हैं
रन टाइम: 2 घंटे 15 मिनट
फिल्म की रन टाइम: 2 घंटे 15 मिनट है। फिल्म की कहानी बंसल परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। यह एक अमीर और प्रतिष्ठित परिवार है, लेकिन एक रात अचानक वहां कई हत्या/ओं की घटनाएं घटती हैं। इस घटना से पूरे परिवार और समाज में हलचल मच जाती है। पुलिस इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) मामले की जांच करते हैं। वह जल्दी ही अपराधी का पता लगा लेते हैं। इस दौरान वे महसूस करते हैं कि सिस्टम और समाज ऐसे लोगों के बचाव में होते हैं, जो धन और सत्ता में मजबूत हैं। फिल्म सिर्फ यह नहीं दिखाती कि ‘कौन अपराधी है’, बल्कि यह भ्रष्ट प्रशासन और अमीर घरानों के अंदर छुपी गहरी सच्चाई को भी उजागर करती है।
अभिनय के मामले में फिल्म ने दर्शकों को प्रभावित किया है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी भूमिका में पूरी तरह से फिट हैं। फिल्म के सहायक कलाकारों में रजत कपूर, दीप्ति नवल और रेवती शामिल हैं, जिन्होंने अपने-अपने किरदारों को सच्चाई और गहराई के साथ निभाया है। हालांकि राधिका आप्टे का स्क्रीन टाइम कम है, लेकिन उनकी मौजूदगी फिल्म में अपनी खास पहचान छोड़ती है।
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