चंडीगढ़, 4 अप्रैल: चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन विशेष रूप से मां कालरात्रि के पूजन के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दिन का महत्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि यह जीवन के हर पहलू में सकारात्मक बदलाव लाने का एक अवसर भी है। सनातन धर्म के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का विशेष महत्व है, और सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है, जो सभी प्रकार के भय और शत्रुओं का नाश करने वाली देवी मानी जाती है।
मां कालरात्रि का दिव्य रूप:
मां कालरात्रि का स्वरूप घने अंधकार जैसा काला है, पर यह अंधकार डरावना नहीं बल्कि नकारात्मकता का नाश करने वाला है। उनका रूप भय और अंधकार को समाप्त कर प्रकाश और सकारात्मकता की ओर ले जाने वाला है। मां के तीन नेत्र ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने की शक्ति का प्रतीक हैं। उनकी सवारी गर्दभ (गधा) है, जो कठोर परिश्रम और संघर्ष के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
मां का दाहिना ऊपर उठाया हुआ हाथ वरदान देने की मुद्रा में है, जबकि नीचे वाला हाथ अभय प्रदान करने का संकेत करता है, जिससे भक्तों को भय मुक्त किया जाता है। बाईं ओर ऊपर वाला हाथ कांटे और नीचे वाला हाथ खड्ग को पकड़े हुए है, जो बुराई के नाश और सत्य की विजय का प्रतीक है।
मां कालरात्रि के स्तोत्र का महत्व:
मां कालरात्रि के स्तोत्र का जाप जीवन में अनेक शुभ फलों की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह स्तोत्र नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलाने और जीवन में सकारात्मकता का संचार करने में सहायक होता है। इस स्तोत्र का उच्चारण करते समय श्रद्धा और भक्ति का भाव आवश्यक है ताकि मां की कृपा आप पर बनी रहे।
मां कालरात्रि स्तोत्र:
करालवदनां घोरां मुक्तकेशीं चतुर्भुताम्।
कालरात्रिं करालिं कादिव्यां विद्युत्मालाविभूषिताम्॥
दिव्य लौहवज्रखड्ग वामाघोर्ध्वकरांबुजाम्।
अभयं वरदांचैव दक्षिणोर्ध्वाघः पाणिकाम्॥
यह स्तोत्र न केवल भय को दूर करने में मदद करता है, बल्कि मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी प्रभावी है।
पूजन विधि:
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स्वच्छता के साथ स्नान करें और पवित्र वस्त्र पहनें।
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पूजन के स्थान को स्वच्छ करें और मां कालरात्रि का चित्र या मूर्ति स्थापित करें।
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दीपक जलाएं और मां के समक्ष फूल अर्पित करें।
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मां कालरात्रि के स्तोत्र का जाप करें।
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अंत में मां को मिठाइयाँ और लाल फूल अर्पित करें।
इस दिन के विशेष लाभ:
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भय और मानसिक अशांति से मुक्ति
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शत्रुओं पर विजय और सुरक्षा की प्राप्ति
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आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती में वृद्धि
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आर्थिक और सामाजिक जीवन में समृद्धि का संचार
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा से न केवल आपके जीवन में नकारात्मकता का नाश होगा, बल्कि आपके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार होगा। यह दिन आपके जीवन को सकारात्मक दिशा देने का एक सुनहरा अवसर है।