माता मनसा देवी परिसर में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का स्वास्थ्य जांच शिविर शुरू

पंचकूला मार्च 19 : आयुष विभाग हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) विजेंद्र हुड्डा ने कहा कि आयुर्वेद निरोग जीवन में असरकारक है। योग-ध्यान और आहार-व्यवहार के जरिये व्यक्ति तनाव, अनिद्रा और अवसाद से राहत पा सकता है। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला आयुर्वेद उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने गुरुवार को चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में माता मनसा देवी मंदिर परिसर में शुरू हुए एनआईए के स्वास्थ्य जांच शिविर का विधिवत रूप से रीबन काटकर और दीप प्रज्वलित करके शुभारंभ किया। स्वास्थ्य जांच शिविर में पहुंचने पर उप चिकित्सा अधीक्षक (डीएमएस) डॉ. गौरव गर्ग ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।

आयुष विभाग के अतिरिक्त निदेशक विजेंद्र हुड्डा ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में आयुर्वेद पद्धतियों से किए जा रहे उपचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद उपचार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक विकृतियों से मुक्ति दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुर्वेद में जीवन जीने की शैली का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिसमें ऋतु परिवर्तन के अनुसार आहार-व्यवहार के साथ पूरी दिनचर्या बताई गई है।

आयुष विभाग हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक विजेंद्र हुड्डा ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का दौरा भी किया और आयुर्वेद उपचार पद्धतियों को जाना। उन्होंने ओपीडी, आईपीडी सेक्शन के साथ पंचकर्म, केंद्रीय लेबोरट्री, फिजियोथैरेपी और फार्मेसी का मुआयना किया। डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि संस्थान की 12 ओपीडी में हर रोज 400 से 500 मरीज परामर्श और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनका विशेषज्ञ चिकित्सकों के जरिये इलाज किया जाता है।