हरियाणा के पांच कॉलेजों का नामकरण शहीदों और समाज सुधारकों के नाम पर

CM Nayab Singh Saini
 हरियाणा सरकार ने शहीदों और समाज सुधारकों को सम्मानित करते हुए प्रदेश के पांच सरकारी कॉलेजों का नामकरण उनके नाम पर करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Singh Saini) ने जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त मांगों पर सकारात्मक कदम उठाते हुए इन बदलावों को मंजूरी दी।

इन कॉलेजों के बदले जाएंगे नाम: CM Nayab Singh Saini

1.राजकीय महिला महाविद्यालय, लोहारू अब सावित्रीबाई फुले के नाम से जाना जाएगा।
सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक थीं।
यह कदम महिलाओं की शिक्षा और समाज सुधार में उनके योगदान को यादगार बनाने के लिए उठाया गया है।
2.महिला कॉलेज, जाखन दीदी, रतिया का नाम शहीद दविंद्र सिंह के नाम पर किया जाएगा।
दविंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
3.राजकीय महिला महाविद्यालय, बावल का नामकरण श्रीमती सावित्री देवी मोतीलाल के नाम पर किया गया है। यह बदलाव क्षेत्र की जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया।
4.राजकीय महाविद्यालय, कनीना का नाम अब पितामह कान्हा सिंह के नाम पर होगा।
इस महाविद्यालय की स्थापना कनीना के नागरिकों ने अपनी जमीन और धन से की थी।
वर्ष 2014 में सरकारी अधिग्रहण के बाद संस्थापक का नाम हटा दिया गया था।
अब जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए नाम पुनः बहाल किया गया है।
5.राजकीय महाविद्यालय, बहरामपुर (बापौली) का नाम बलिदानी नायब सूबेदार महेंद्र कुमार के नाम पर रखा गया है।
महेंद्र कुमार 6 पेरा रेजिमेंट (पैरा कमांडो) में सेवा करते हुए कश्मीर में शहीद हुए थे।

जनता की भावनाओं का सम्मान

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, यह बदलाव जनता की भावनाओं और मांगों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि इन शख्सियतों के नाम से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
यह कदम समाज में शहीदों और महान व्यक्तित्वों के योगदान को सदैव याद रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार के इस फैसले का विभिन्न क्षेत्रों से स्वागत हो रहा है।
लोगों का मानना है कि इस पहल से न केवल शहीदों का सम्मान बढ़ेगा,
बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज सुधारकों की विरासत को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकेगा।