चंडीगढ़, 28 मई: हरियाणा सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग ने अपने छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर की जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया है। विभाग के महानिदेशक श्री प्रभजोत सिंह ने हाल ही में राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (एनएबीआई), मोहाली का दौरा कर संस्था के कार्यकारी निदेशक प्रो. अश्विनी पर्रेक से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य था – छात्रों और शिक्षकों के लिए कृषि और खाद्य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर तलाशना।
इस अवसर पर दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DCRUST), मुरथल के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के 58 एमएससी और बीटेक छात्र तथा एक शोध छात्र ने एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अदिति आर्य के नेतृत्व में एनएबीआई की दो दिवसीय एक्सपोजर विजिट की। यह दौरा 26 और 27 मई को आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं और जैव प्रौद्योगिकी से संबंधित नवीनतम तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और सीखा।
देश के पहले कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान का अनुभव
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एनएबीआई, मोहाली की स्थापना भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वर्ष 2010 में की गई थी और यह संस्थान देश का पहला कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान है। छात्रों ने यहां जाकर ऐसे शोध कार्यों को करीब से देखा जिनका सीधा प्रभाव कृषि, पोषण और खाद्य सुरक्षा पर पड़ता है। इस दौरे के माध्यम से छात्रों को पाठ्यक्रम से परे जाकर वास्तविक प्रयोगशालाओं में होने वाले अनुसंधान का अनुभव मिला, जिसे उन्होंने अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।
सहयोग और नवाचार की ओर बढ़ते कदम
इस एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य केवल शैक्षणिक दौरा नहीं था, बल्कि एनएबीआई और विश्वविद्यालय के बीच सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाना भी था। यह यात्रा दोनों संस्थानों के बीच शोध, नवाचार और संयुक्त परियोजनाओं के लिए आधार तैयार करेगी। विजिट के दौरान एनएबीआई की ओर से वैज्ञानिक-डी डॉ. अमित कुमार राय और वैज्ञानिक-सी डॉ. संजना नेगी ने समन्वयन की भूमिका निभाई, जबकि तकनीकी शिक्षा निदेशालय, पंचकूला से अतिरिक्त निदेशक श्री अनिल कुमार सेहरावत और संयुक्त निदेशक श्री बलवान सिंह ने इस पहल को कार्यरूप दिया।
तकनीकी शिक्षा विभाग की अन्य पहलें भी सराहनीय
यह उल्लेखनीय है कि तकनीकी शिक्षा विभाग, हरियाणा ने अपने छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने हेतु कई और महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में विभाग ने आईआईटी दिल्ली में सरकारी पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के 60 शिक्षकों के लिए एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया। इस दौरे को हरियाणा के उच्च शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने 10 फरवरी 2025 को हरी झंडी दिखाई थी।
फरवरी से अप्रैल 2025 के बीच 380 से अधिक शिक्षकों ने आईआईटी दिल्ली का भ्रमण किया। इस दौरे का उद्देश्य शिक्षकों को अत्याधुनिक शोध, शिक्षण विधियों और नवाचारों से अवगत कराना था ताकि वे अपनी कक्षाओं में इन अनुभवों को छात्रों तक पहुंचा सकें।
सेमी-कंडक्टर प्रयोगशाला (SCL) मोहाली का तकनीकी दौरा
इसके अतिरिक्त, 24 अप्रैल 2025 को तकनीकी शिक्षा विभाग ने सेमी-कंडक्टर प्रयोगशाला (SCL), मोहाली का एक एक्सपोजर विजिट भी आयोजित किया। इस दौरे में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 24 छात्रों और तीन शिक्षकों ने भाग लिया। SCL, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के तहत एक प्रमुख प्रयोगशाला है, जो अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर डिवाइस, ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स और MEMS तकनीक का विकास करती है।
प्रवक्ता ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग आने वाले समय में भी ऐसी पहलें करता रहेगा। वर्तमान में विभाग CSIR-Central Scientific Instruments Organisation (CSIO), ISRO अहमदाबाद, STPI गुरुग्राम और CSIR-IMTECH चंडीगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया में है।
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