पंजाब में विफल कानून-व्यवस्था पर सांसद सुखजिंदर रंधावा ने उठाए सवाल

चंडीगढ़, 13 मार्च, 2026 पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब में बॉर्डर से ड्रोन के जरिए हो बड़े पैमाने पर रही ड्र/ग्स, हथियारों की त/स्करी को लेकर केंद्र में भाजपा की सरकार और पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीन पर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते राज्य में आज भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

कनाडा, यूरोप, अमेरिका और पाकिस्तान में बैठे गैं/गस्टर पंजाब में टार/गेट कि/लिंग, उ/गाही, अप/हरण और ड/कैती का एक समानांतर आप/राधिक तंत्र चला रहे हैं। कबड्डी खिलाड़ियों, सरपंचों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख नागरिकों की 2025 के अंत से 2026 की शुरुआत तक 21 से अधिक टारगेट किलिंग सामने आई हैं, जिनमें से अधिकांश सीमावर्ती जिलों में हुई हैं। इन हाई-प्रोफाइल हत्याओं ने सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पंजाब पुलिस की गंभीर विफलता को उजागर कर दिया है। पंजाब पुलिस भी पिछले कई वर्षों से एक एड-हॉक डीजीपी के अधीन काम कर रही है।

रंधावा ने इस गंभीर सिथति में केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से पूछा कि जब 2025 में 272 ड्रोन बरामद हो चुके हैं (औसतन हर महीने लगभग 24 ड्रोन) और आज भी अमृतसर व तरनतारन में हर सप्ताह ड्रोन गिर रहे हैं, तो केंद्र सरकार बीएसएफ को अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त बल क्यों नहीं दे रही है? जब ड्रोन तस्करी के मामले 2021 में 3 से बढ़कर 2024 में 179 हो गए हैं, तो केंद्र सरकार पंजाब सीमा को राष्ट्रीय सुरक्षा आपात स्थिति के रूप में क्यों नहीं ले रही? पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और विदेशों में बैठे गैंगस्टर जो पंजाब में हत्याओं और उगाही को संचालित कर रहे हैं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?

पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पंजाब के छह जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का से होकर गुजरती है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले जिले, जिनमें श्री मुक्तसर साहिब और मोगा भी शामिल हैं, सबसे अधिक प्रभावित हैं।