बिहार को मिला विकास का तोहफा: मोतिहारी से PM मोदी ने दी 7,000 करोड़ की परियोजनाएं

चंडीगढ़, 18 जुलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के मोतिहारी से राज्य को न केवल 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उपहार दिया, बल्कि बिहार की सियासत में एक बार फिर विकास बनाम विरासत की लड़ाई को हवा दी। ऐतिहासिक चंपारण की धरती पर खड़े होकर प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि बिहार, देश की तरक्की की नई राजधानी बने।

बिहार के भविष्य की बुनियाद: 7,000 करोड़ की परियोजनाएं

प्रधानमंत्री ने जिन योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, उनमें रेलवे, सड़क, सिंचाई, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से ना सिर्फ पूर्वी बिहार को फायदा होगा, बल्कि पूरे राज्य में निवेश, रोज़गार और आधुनिकता की रफ्तार को गति मिलेगी।

मोदी ने कहा,

“चंपारण की भूमि ने अतीत में आज़ादी की लड़ाई में देश को रास्ता दिखाया था, अब यह भूमि बिहार के नव निर्माण का प्रेरणा केंद्र बनेगी।”

“पूरब का मुंबई बनेगा मोतिहारी” – पीएम मोदी का विजन

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने पूर्वी भारत को पश्चिमी भारत की तर्ज़ पर विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि—

  • “जैसे मुंबई आर्थिक राजधानी है, वैसे ही मोतिहारी पूरब का मुंबई बनेगा।”

  • “जैसे गुरुग्राम में बड़े कॉरपोरेट और आईटी हब हैं, वैसे ही गया और पटना भी औद्योगिक केंद्र बनेंगे।”

  • “बिहार को आत्मनिर्भर बनाना ही समृद्ध भारत का आधार है।”

कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला: “बिहार से बदला लिया गया”

पीएम मोदी ने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के 10 वर्षों में बिहार को मात्र 2 लाख करोड़ रुपये दिए गए, जबकि NDA सरकार ने पिछले 10 साल में कई गुना ज़्यादा राशि विकास कार्यों में खर्च की। उन्होंने कहा—

“इन लोगों ने बिहार को जानबूझकर पिछड़ेपन में डुबोए रखा। जब उनकी सरकार थी, तब विकास की बात ग़ायब थी। अब हमने हालात बदले हैं।”

गरीबों को घर, महिलाओं को सम्मान: NDA की नीतियों का ज़िक्र

पीएम मोदी ने सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से बात की:

  • PM आवास योजना: अब तक 4 करोड़ से ज्यादा पक्के घर, जिनमें से 60 लाख बिहार में बने हैं। मोतिहारी में ही करीब 3 लाख घर बने।

  • जनधन योजना: 3 करोड़ महिलाओं के खाते खुले हैं, जिससे आर्थिक स्वावलंबन बढ़ा है।

  • पेंशन योजना: नीतीश सरकार ने इसे 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया है।

  • लखपति दीदी मिशन: देश में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें से 20 लाख बिहार में बन चुकी हैं।

ऑपरेशन सिंदूर: नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में कामयाबी

प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार की धरती से ही यह अभियान शुरू हुआ था, जिसका मकसद भारत को नक्सलवाद से मुक्त करना था। आज इसके परिणाम दुनिया के सामने हैं।

“हर पिछड़े को प्राथमिकता” – नया राजनीतिक संदेश

पीएम मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार की नीति है:

“हर पिछड़े को प्राथमिकता।”

उन्होंने बताया कि दशकों तक 110 जिलों को पिछड़ा कहकर अनदेखा किया गया, लेकिन अब उन्हें विकास के केंद्र में लाया गया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने का वादा सिर्फ उनकी सरकार ने निभाया।

बिहार की दिशा तय करने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का अंत करते हुए कहा—

“कांग्रेस और आरजेडी ने हमेशा गरीब, पिछड़े, दलित और आदिवासियों के नाम पर राजनीति की, लेकिन उनके लिए कभी ईमानदारी से कुछ नहीं किया। इन लोगों से बिहार को बचाकर रखना होगा।”

मुख्य बिंदु – एक नज़र में:

विषय जानकारी
स्थान मोतिहारी, बिहार
घोषणाएं 7,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
प्रमुख योजनाएं पीएम आवास, जनधन, लखपति दीदी, पेंशन वृद्धि
राजनीतिक निशाना कांग्रेस और आरजेडी पर विकास में रुकावट के आरोप
भविष्य का विजन मोतिहारी को ‘पूरब का मुंबई’ बनाना
सामाजिक नीति “हर पिछड़े को प्राथमिकता”, OBC को संवैधानिक अधिकार
सुरक्षा नीति नक्सलवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता