चंडीगढ़, 20 जून: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर एक बार फिर लोगों का ध्यान योग की शक्ति और जीवनशैली में इसके महत्व की ओर आकर्षित हुआ है। योग केवल आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के संतुलन की एक सम्पूर्ण प्रणाली है। इन्हीं योग अभ्यासों में एक अत्यंत सरल लेकिन अत्यधिक प्रभावशाली आसन है मलासन (Malasana) – जिसे अंग्रेज़ी में “गारलैंड पोज़” भी कहा जाता है।
अब सोचिए, अगर इस आसान-से लगने वाले योगासन के साथ आप केवल एक गिलास हल्का गर्म पानी सुबह-सुबह पीने लगें, तो क्या होगा? जानकर आप हैरान रह जाएंगे कि यह छोटी-सी आदत कैसे आपके शरीर के अंदर बड़े बदलाव ला सकती है।
क्या है मलासन और क्यों है यह खास?
मलासन एक स्क्वाटिंग मुद्रा है, जो पेट, कमर और जांघों पर असर डालती है। यह न केवल शरीर को लचीलापन देती है, बल्कि अंदरूनी अंगों पर हल्का दबाव डालकर उन्हें एक्टिवेट भी करती है।
सुबह मलासन में बैठकर गर्म पानी पीने से होने वाले 5 बड़े फायदे
1️⃣ पाचन में अद्भुत सुधार
योगा कोच तनु ने एक महीने तक इस प्रयोग को अपनाया और उनके अनुसार, यह सबसे ज्यादा असर पाचन तंत्र पर हुआ।
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कब्ज की समस्या खत्म
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बॉवेल मूवमेंट नियमित
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पेट हल्का और आरामदायक महसूस हुआ
2️⃣ पीरियड्स साइकल में संतुलन
जो महिलाएं अनियमित या दर्दनाक पीरियड्स की समस्या से जूझती हैं, उनके लिए यह आदत बहुत लाभकारी हो सकती है। तनु के मुताबिक,
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मासिक धर्म का चक्र नियमित हुआ
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पीरियड्स का दर्द काफी हद तक कम हुआ
3️⃣ सुबह की मिचली और उलझन से राहत
सुबह उठते ही उलझन या मिचली जैसी भावना अक्सर शरीर में असंतुलन का संकेत होती है।
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मलासन और गर्म पानी मिलकर शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं
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इससे पेट और दिमाग दोनों हल्के महसूस होते हैं
4️⃣ हिप्स और जांघों की बेहतर गतिशीलता
लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने वाले लोगों के लिए यह बेहद मददगार है।
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हिप्स की फ्लेक्सिबिलिटी में इज़ाफा
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घुटनों और एड़ियों पर दबाव घटता है
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शरीर में बेहतर संतुलन आता है
5️⃣ प्राकृतिक डिटॉक्स और ऊर्जा में इज़ाफा
गर्म पानी शरीर को डिटॉक्स करता है, और मलासन इसके असर को दोगुना कर देता है।
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शरीर अंदर से साफ़ होता है
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दिनभर की ऊर्जा और मानसिक स्थिरता में बढ़ोतरी
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थकान और सुस्ती में कमी
कैसे करें मलासन में गर्म पानी पीने का अभ्यास?
🔹 सुबह उठकर शौच के बाद खाली पेट मलासन की मुद्रा में बैठें
🔹 हाथों को प्रार्थना मुद्रा में जोड़ें और कोहनियों से घुटनों को हल्का दबाव दें
🔹 धीरे-धीरे एक गिलास हल्का गर्म पानी पिएं
🔹 इस मुद्रा में 2 से 5 मिनट तक रहें
🔹 गहरी और नियंत्रित सांस लें, ध्यान सांस पर केंद्रित रखें
नोट: जिन लोगों को घुटनों या रीढ़ की हड्डी की समस्या है, वे पहले किसी योग प्रशिक्षक से परामर्श लें।
क्यों अपनाएं यह आदत?
👉 यह सरल, प्राकृतिक और समय की बचत करने वाली आदत है
👉 इसमें किसी भी उपकरण या खास जगह की जरूरत नहीं
👉 एक नियमितता से जीवन की क्वालिटी में स्पष्ट सुधार देखा जा सकता है
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