मोहाली, 24 अक्टूबर: जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में “हर शुक्रवार — डेंगू पर वार” अभियान पूरे जोश और जागरूकता के साथ चलाया जा रहा है। व्यापक घर-घर जांच, जागरूकता और रोकथाम उपायों के चलते इस वर्ष डेंगू के मामलों में पिछले वर्षों की तुलना में काफी कमी आई है। यह जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अनामिका सोनी ने बताया कि स्वास्थ्य टीमों द्वारा इस वर्ष मार्च से अब तक 5,24,654 घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जिनमें से 7,963 घरों में मच्छर का लार्वा पाया गया है।
इसी तरह 16,03,712 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें से 10,769 कंटेनरों में लार्वा मिला। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें और स्वयं भी सा/वधा/नी बरतें, क्योंकि इन दिनों डेंगू बुखार फैलने की संभावना अधिक होती है। इसी दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आज विभिन्न निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में निरीक्षण कर मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों की जांच की।
मौके पर मौजूद लोगों को डेंगू बुखार के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। निरीक्षण टीमों में ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्छता समितियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के सदस्य भी शामिल रहे।जांच अभियान की निगरानी जिले के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने की। डॉ. जैन ने बताया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लार्वा कुछ ही दिनों में ख/तर/नाक मच्छर बन जाता है, जो व्यक्ति की जा/न भी ले सकता है।
उन्होंने कहा कि डेंगू का कोई निश्चित मौसम नहीं है, लेकिन आम तौर पर जुलाई से नवंबर के अंत तक इसके मामले बढ़ जाते हैं। डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डेंगू की जांच और उपचार निःशुल्क है
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