खनन रोकथाम पर सख्ती: नाकों से गैरहाजिर कर्मचारियों पर दर्ज होगी FIR, DC मोनिका गुप्ता के कड़े निर्देश!

चंडीगढ़, 17 जुलाई: जिले में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन अब पूरी तरह से सख्त हो गया है। खनन से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी के लिए गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त श्रीमती मोनिका गुप्ता ने स्पष्ट किया कि नाकों (चेक पोस्ट) पर तैनात कर्मचारी यदि ड्यूटी से नदारद पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। ड्यूटी में लापरवाही को अवैध खनन में अप्रत्यक्ष सहयोग माना जाएगा।

लघु सचिवालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने जून महीने की गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान एसडीएम पंचकूला चंद्रकांत कटारिया और एसडीएम कालका संयम गर्ग ने नाकों पर पाई गई अनियमितताओं की जानकारी दी, जिस पर डीसी ने कड़ा रुख अपनाया। बैठक में कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा भी मौजूद रहीं।

गैरहाजिरी का मतलब संलिप्तता: कर्मचारियों को देना होगा लोकेशन और फोटो सबूत

डीसी मोनिका गुप्ता ने निर्देश दिए कि अब से हर नाके पर तैनात कर्मचारी को अपनी गूगल लोकेशन और ड्यूटी की फोटो विभागीय व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा करनी होगी, ताकि उनकी मौजूदगी का प्रमाण सुनिश्चित हो सके। यह आदेश शिफ्ट अनुसार सभी कर्मचारियों पर लागू होगा।

ई-रवाना पर लगेगा स्टैंप, दोबारा इस्तेमाल रोकने की कवायद

खनन से जुड़े वाहनों की जांच को और प्रभावी बनाने के लिए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रत्येक वाहन के ई-रवाना (ई-चालान) पर विभागीय स्टैंप लगाना अनिवार्य किया जाए। बिना मुहर के कोई भी वाहन आगे न बढ़े। इससे पुराने ई-रवाना के दोबारा इस्तेमाल की संभावनाएं खत्म होंगी और अवैध खनन पर रोक लगेगी।

सभी माइनिंग जोनों में लगेंगे बाउंड्री पीलर

खनन क्षेत्र की सीमाएं स्पष्ट करने और अवैध खनन की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए डीसी ने कहा कि सभी माइनिंग जोनों में बाउंड्री पीलर (सीमा स्तंभ) लगाए जाएं। जिन जगहों पर अब तक पीलर नहीं लगे हैं, वहां पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में खनन अधिकारी को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नाकों की व्यवस्था होगी मानवीय: गर्मी-बरसात से बचाव के लिए छतरी, कुर्सी की सुविधा

डीसी मोनिका गुप्ता ने नाकों पर तैनात कर्मचारियों की सुविधा का भी ध्यान रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नाकों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, छतरी, कुर्सी आदि की व्यवस्था की जाए, ताकि गर्मी, धूप या बारिश में ड्यूटी करना कठिन न हो।

साप्ताहिक चैकिंग की योजना: मोबाइल टीमें करेंगी औचक निरीक्षण

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मोबाइल टीमें सप्ताह में कम से कम चार बार नाकों पर रैंडम चैकिंग करेंगी, और अपनी रिपोर्ट संबंधित व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा करेंगी। इसका उद्देश्य कार्य में पारदर्शिता लाना और सतत निगरानी सुनिश्चित करना है।

बैठक में शामिल रहे अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव, डीडीपीओ विशाल पराशर, खनन अधिकारी गुरजीत सिंह, जिला वन अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, और अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।