बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सोमवार को 2 आरोपों में मौ/त की सजा सुनाई गई है। उन्हें ढाका की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ICT-BD ने अपना फैसला सुनाया है. पिछले साल छात्र नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अप/राधों के लिए उन पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जा रहा था. इस आंदोलन के कारण हसीना की आवामी लीग पार्टी की सरकार गिर गयी थी. इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी-बीडी) ने पूर्व प्रधानमंत्री को दोषी ठहराया है. बतादें उन्हें आंदोलन का मास्टरमांइड करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है.
कोर्ट ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री के प्रार्पटी ज/ब्त करने के आदेश दिए
ICT के जज ने यह भी बताया कि जांच टीम ने घटनाओं की गहन छान/बीन की है और कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि आदेश का उद्देश्य विरो/ध प्रद/र्शन को नियंत्रित करना था, लेकिन इसके लिए किसी भी नागरिक की जा/न को खत/रे में डालने से भी पीछे नहीं हटने का इशारा किया गया. आईसीटी ने कहा कि शेख हसीना का अपरा/ध मानवता के खिला/फ है. वहीं, बांग्लादेश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान पर भी आ/रोप तय कर दिए गए हैं। 12 लोगों की ह/त्या का आरोप माना गया है और उसे भी फां/सी की सजा सुनाई गई है।
प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर ह/त्या की योजना का आरोप
ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को जुलाई 2024 के छात्र आदोलन के दौरान हुई ह/त्याओं का मास्ट/रमांइड कहा है इसके साथ ही अपने फैसले में शेख हसीना पर पांच गंभी/र आरोपों का खुलासा किया है. इनमें ढाका में प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर ह/त्या की योजना बनाना और उसका निर्देशन करना, नागरिक समूहों पर गोली/बारी के लिए हेलिकॉप्टर और ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति देना, छात्र नेता अबू सैयद की कथित ह/त्या में संलिप्तता, सबूत मिटाने के लिए श/वों को अशुलिया में जला/ने का आदेश देना और चांखारपुल में प्रदर्शनकारियों पर समन्वित हम/लों की निगरानी करना शामिल है.
Top Tags