पंचकूला नवंबर 9 : कैप्टन रोहित कौशल, सेना मेडल का 30वां शहीदी दिवस मंगलवार, 11 नवंबर, 2025 को सुबह 11 बजे जलौली (पंचकूला-बरवाला हाईवे) में बने उनके स्मारक पर मनाया जाएगा। 18वीं पंजाब रेजिमेंट के कैप्टन रोहित ने 11 नवंबर 1995 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतं/कवा/दियों के साथ मुठ/भेड़ में उग्र/वाद से लड़ते हुए अपना जीवन बलि/दान कर दिया था। 5 अगस्त, 1968 को अंबाला कैंट में पैदा हुए कैप्टन रोहित कौशल, वीना शर्मा और एसएस कौशल के इकलौते बेटे थे। कैप्टन रोहित ने हमेशा अपने सैनिकों का नेतृत्व किया और मातृभूमि की एकता और अखंडता के लिए उग्र/वाद और आतंक/वा/द से लड़ने में सबसे आगे रहे। 27 नवंबर 1995 को उनकी शादी होनी थी, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। 10-11 नवंबर, 1995 की भयावह रात को कैप्टन रोहित ने अपनी टुकड़ी के साथ आतं/कवा/दियों के ठिकानों पर छा/पा मारा। डोडा जिले के गंदोह इलाके में हुई मुठ/भेड़ में उन्होंने साहसपूर्वक लड़ते हुए अपने सीने और गर्दन पर गो/लियां खाईं। जब उनका बहुत खून बह रहा था, तब भी उन्होंने गोली/बारी जारी रखी और द/म तो/ड़ने से पहले दो आतं/कवादियों को घा/तक रूप से घा/यल कर दिया।
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