चंडीगढ़, 15 दिसंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान सेवा को पर्याय बनाते हुए प्रदेश की मंडियों को ऐसा मॉडल बनाएं जिसका अनुसरण पूरा देश करे। इसके अलावा मंडी शुल्क वसूली, व्यवहार में शत-प्रतिशत ईमानदारी बरतें और किसानों का विश्वास बनाएं। इसके साथ ही मंडियों को देश की सबसे आधुनिक, पारदर्शी और किसान हितैषी मंडी व्यवस्था बनाई जाए।
मुख्यमंत्री सैनी मार्केटिंग बोर्ड के नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मार्केट कमेटियों के चेयरमैन एवं वाईस चेयरमैन के अलावा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, संगठन महामंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा, प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पूनियां, डॉ. अर्चना गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी बी भारती सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि मार्केटिंग बोर्ड के पदाधिकारियों की नींव अन्नदाता की समृद्धि और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती टिकी हुई है। मंडी व्यवस्था किसानों के पसीने की कमाई को सही मूल्य और सम्मान दिलाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है जिससे किसान सशक्त होगा तो हरियाणा प्रदेश सशक्त होता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित मंडी, खुशहाल किसान नामक नई पहल शुरू की जाए। इससे किसान को पारंपरिक फसलों के अलावा मंडियों में फल और सब्जियों के लिए अलग सेक्शन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि हर मंडी में किसान सहायता केंद्र स्थापित करें, जहां शिकायतें तुरंत दर्ज हों और उनका समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करें ताकि किसान को किसी भी शिकायत के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
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