माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ, जाने कलश स्थापना का शुभ समय

आज सोमवार, 19 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से माघ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। इस नवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि इसमें साधक बाह्य आडंबर के बजाय गुप्त साधना, मंत्र-जप, ध्यान और आत्मिक शुद्धि पर अधिक ध्यान देते हैं। माघ गुप्त नवरात्रि को सामान्य नवरात्रि से अलग माना जाता है, क्योंकि इसका उद्देश्य आत्मिक उन्नति और आंतरिक शक्ति को जाग्रत करना होता है।  गुप्त नवरात्रि साल में 4 बार आने वाली नवरात्रियों में से एक है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में की गई साधना शीघ्र फल प्रदान करती है और साधक को आध्यात्मिक उन्नति, सिद्धि और आत्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ माता रानी की दस महाविद्याओं की पूजा-अर्चना की जाती है। आज कलश स्थापना का शुभ समय सुबह 6:41 बजे से 8:01 बजे तक रहेगा। वहीं, अभिजित मुहूर्त में दोपहर 11:39 बजे से 12:22 बजे के बीच भी कलश स्थापना की जा सकती है।

वर्ष 2026 की माघ गुप्त नवरात्रि का समापन 27 जनवरी को होगा। इन दस दिनों में देवी मां के दस महाविद्या स्वरूपों की विशेष साधना की जाती है। प्रत्येक दिन मां के अलग स्वरूप की आराधना का महत्व होता है।

साधना का महत्व

इन पावन दिनों में व्रत, संयम और धार्मिक नियमों का पालन अत्यंत फलदायी माना गया है। इससे मन और आत्मा की शुद्धि होती है तथा साधना में सफलता प्राप्त होती है। मान्यता है कि दस महाविद्याओं की कृपा से जीवन के चारों पुरुषार्थ—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—में संतुलन स्थापित होता है। इससे साधक को मानसिक शांति, आंतरिक शक्ति और परम सुख की अनुभूति होती है, क्योंकि ये सभी स्वरूप आदिशक्ति के विविध रूप हैं, जो हर परिस्थिति में साधक की रक्षा और मार्गदर्शन करते हैं।

मां काली को क्या भोग लगाए: महाविद्याओं में प्रथम मां काली को हलवा और काली उड़द की खिचड़ी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इससे शत्रुओं से मुक्ति मिलती है.