‘Made In India’ Android Smartphones ने अमेरिका में मचाई धूम, iPhone नहीं अब Motorola भी बना पसंदीदा ब्रांड!

चंडीगढ़, 28 जून: भारत में निर्मित स्मार्टफोन्स की वैश्विक उड़ान अब सिर्फ iPhone तक सीमित नहीं रही। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में बने Android स्मार्टफोन्स की अमेरिका में जबरदस्त मांग देखी जा रही है। यह ट्रेंड भारत की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग ताकत और वैश्विक सप्लाई चेन में बदलते समीकरणों की ओर इशारा करता है।

Motorola और Samsung का रिकॉर्ड ब्रेकिंग एक्सपोर्ट

मार्केट रिसर्च फर्म Canalys की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, Motorola ने साल 2025 के पहले पांच महीनों में 16 लाख Android स्मार्टफोन भारत से अमेरिका भेजे, जो पिछले साल की तुलना में 60% ज्यादा है। दिलचस्प बात यह है कि इस एक्सपोर्ट का 99% हिस्सा सिर्फ अमेरिका को गया।

वहीं दूसरी ओर, Samsung ने भी इसी अवधि में 9.45 लाख यूनिट्स अमेरिका को एक्सपोर्ट किए, जो पिछले साल के 6.45 लाख यूनिट्स से काफी अधिक है।

भारत बन रहा है नया ‘स्मार्टफोन फैक्ट्री हब’

यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। भारत तेजी से एक मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग बेस के रूप में उभर रहा है। सरकार की PLI (Production Linked Incentive) योजना और ‘Make in India’ पहल ने विदेशी और घरेलू दोनों कंपनियों को भारत में निर्माण करने के लिए प्रेरित किया है।

Motorola, जो अब Lenovo के स्वामित्व में है, इस ट्रेंड का लाभ उठाने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक बन गई है।

अमेरिका क्यों खरीद रहा है भारत से फोन?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस शिफ्ट के पीछे मुख्य वजहें हैं:

  • चीन पर अमेरिकी निर्भरता में गिरावट लाना

  • भारत में सस्ती मैन्युफैक्चरिंग लागत

  • स्थिर नीतिगत माहौल और सरकारी सब्सिडी

Canalys के एक विश्लेषक ने कहा:

“भारत अब अमेरिका के लिए स्मार्टफोन आपूर्ति का मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बन रहा है। Motorola जैसे ब्रांड इस मौके का लाभ उठा रहे हैं।”

Apple अब भी सबसे आगे, लेकिन Android पीछे नहीं

हालांकि Android ब्रांड्स की ग्रोथ सराहनीय है, फिर भी Apple का दबदबा कायम है। Canalys के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में भारत से कुल 3.5 करोड़ स्मार्टफोन एक्सपोर्ट हुए, जिनमें से 2.05 करोड़ iPhones थे, और उनमें से 80% अमेरिका भेजे गए

Vivo, Transsion और Pixel की तैयारी भी जोरों पर

केवल Motorola और Samsung ही नहीं, बल्कि Transsion ग्रुप (Infinix, Tecno, iTel) और Vivo भी भारत से अपने स्मार्टफोन्स का निर्यात बढ़ा रहे हैं। Dixon Technologies, जो पहले ही Google Pixel की मैन्युफैक्चरिंग करती है, अब Pixel डिवाइसेज़ के एक्सपोर्ट की भी योजना बना रही है।

क्या कहता है भविष्य?

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में भारत की भूमिका सिर्फ एसेम्बली लाइन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्नत तकनीक और इनोवेशन आधारित निर्माण केंद्र बनने की दिशा में देश बढ़ रहा है।

सिर्फ स्मार्टफोन नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के क्षेत्र में भी भारत जल्द बड़ी छलांग लगा सकता है।