लिपस्टिक का अनकहा सच: जानिए हिरण की चर्बी से शुरू हुआ सौंदर्य का सफर!

चंडीगढ़, 29 जुलाई: आज की महिला के लिए लिपस्टिक केवल एक सौंदर्य प्रसाधन नहीं, बल्कि उसकी आत्म-अभिव्यक्ति और पहचान का प्रतीक बन चुकी है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि जिस लिपस्टिक को आप बेझिझक होंठों पर लगाती हैं, उसका इतिहास हिरण की चर्बी और कीड़ों के खून से रंगा हुआ है?

 हजारों साल पुराना सौंदर्य का इतिहास

  • सुमेरियन सभ्यता में महिलाएं फूलों और फलों के रस से होठों को सजाती थीं।

  • मेसोपोटामिया में रत्नों को पीसकर लिप कलर तैयार किए जाते थे।

  • भारत में यह सोलह श्रृंगार का एक अहम हिस्सा रहा है।

 दसवीं सदी की खोज जिसने लिपस्टिक को बदला

अबू अल कासिम अल जरावी, एक इस्लामिक वैज्ञानिक, ने पहली बार लिप कलर को एक ठोस और सुरक्षित स्वरूप में ढाला, जो आज की लिपस्टिक का आधार बना।

 पहली कमर्शियल लिपस्टिक: हिरण की चर्बी से बनी

  • साल 1884, फ्रांस की Guerlain नामक कंपनी ने पहली बार बाज़ार में लिपस्टिक पेश की।

  • यह लिपस्टिक हिरण की चर्बी, बीजवैक्स, और कैस्टर ऑयल से बनी थी।

  • इसे ट्यूब नहीं, बल्कि रेशमी कागज़ में लपेटकर बेचा जाता था।

  • शुरुआत में यह केवल अमीर महिलाओं के लिए उपलब्ध थी।

 जब लिपस्टिक पर थे सामाजिक प्रतिबंध

  • प्राचीन ग्रीस में लिपस्टिक का उपयोग केवल वेश्याओं तक सीमित था।
    उन्हें खास पहचान के लिए गहरे रंग की लिपस्टिक पहनना अनिवार्य था।

  • बाद में यही सौंदर्य प्रसाधन सामाजिक स्वीकृति और स्टाइल स्टेटमेंट बन गया।

 हॉलीवुड और लिपस्टिक का लाल रिश्ता

  • 1930–50 के दशक में मर्लिन मुनरो और एलिजाबेथ टेलर जैसी ग्लैमरस अभिनेत्रियों ने लाल लिपस्टिक को आत्मविश्वास और सेक्स अपील का प्रतीक बना दिया।

  • “रेड लिप” एक आइकॉनिक फैशन स्टेटमेंट बन गई।

 लिपस्टिक के पीछे छिपे डरावने तत्व

  • कई कंपनियां आज भी कोचीनियल कीड़े से बनाए गए कारमाइन रंग का इस्तेमाल करती हैं।

    • एक पाउंड रंग बनाने में 70,000 कीड़े मारे जाते हैं।

  • साथ ही लिपस्टिक में लेड, कैडमियम, आर्सेनिक जैसे हेवी मेटल्स भी पाए जाते हैं जो दीर्घकालिक प्रयोग में सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

 नेचुरल और ऑर्गेनिक लिपस्टिक की बढ़ती मांग

  • अब महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं और वे लिपस्टिक में प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता दे रही हैं।

  • शिया बटर, कोको बटर, विटामिन E, बीज ऑयल्स से बनी लिपस्टिकें बाजार में आ रही हैं जो:

    • क्रुएल्टी-फ्री हैं (जानवरों पर टेस्ट नहीं होतीं)

    • केमिकल-फ्री हैं

    • और पर्यावरण के अनुकूल भी।