स्टेप बाई स्टेप जाने करवाचौथ व्रत की पूजा विधि

करवा चौथ का व्रत हर शादीशुदा महिला के लिए बेहद खास होता है। यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। इस पर्व पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर, चूड़ी पहन व सोलह श्रृंगार कर अपने पति की पूजा कर व्रत का पारायण करती हैं। इस दिन विवाहित महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और चांद निकलने के बाद अपने पति के हाथों से जल ग्रहण कर उपवास तोड़ती है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि इस व्रत के लिए पूजा की विधि क्या है –

 

हर साल कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवाचौथ का व्रत कार्तिक महीनें में रखा जाता है। यह व्रत सुहाग की कामना के लिए रखते है। जिसमें  शिव परिवार, करवा माता,चंद्र देव, की पूजा का विधान है पंचाग के अनुसार कल यानी 10 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा की जायेगी। व्रत का पारण चांद निकलने पर किया जाता है। इस साल करवाचौथ पर सिद्धी  योग एवं रोहिणी नक्षत्र के संयोग में पूजा की जाएगी । 10 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि शाम 7.37 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्र देव पूर्ण रुप से वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे। चंद्रोदय रात्रि 8.13 बजे होगा।  करवा चौथ में विधि विधान के साथ नियमों का ध्यान रखकर पूजा करने की परंपरा है. यह व्रत अलग-अलग क्षेत्रों में वहां की प्रचलित मान्यताओं के अनुरूप रखा जाता है, लेकिन इन मान्यताओं में थोड़ा-बहुत अंतर होता है। सार तो सभी का एक होता है पति की दीर्घायु।

 

 

 आइये जानते है स्टेप बाई स्टेप पूजा विधि

 

1 स्टेप – सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाएं।

 

2 स्टेप-  स्नान कर सूर्योदय से पहले सरगी का सेवन करना लें।

 

3 स्टेप – देवी देवताओं को प्रणाम कर व्रत रखने का संकल्प करें ।

 

4 स्टेप- शाम से पहले गेरु से फलक पूजा स्थान पर बना लें। क्योंकि करवा चौथ में शाम की पूजा का महत्व है।

 

5 स्टेप- चावल के आटे से फलक पर करवा का चित्र बनाएं। आज कल बाजारों में प्रिटेड़ कैलेडर मिल रहें है आप  इसका भी इस्तेमाल कर सकती है।

 

6 स्टेप- हर पूजा में सबसे पहले गणेश जी की पूजा का विधान है इसिलिए सबसे पहले गणेश जी को प्रणाम करें।

 

7 स्टेप- शाम के समय फलक के स्थान पर चौक स्थापित करें।

 

8 स्टेप- चौक पर भगवान शिव और माता पार्वती के गोद में बैठे भगवान गणेंश की मूर्ती रखें।

 

9 स्टेप- मिट्टी के करवा में जल भर कर पूजा स्थान पर रखें।

 

10 स्टेप-वायना देने के लिए मिट्टी का टोटीदार करवा लें। करवा में गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें।  उसके उपर दक्षिणा रखें।

 

11 स्टेप- स्वास्तिक का चिन्ह करवा पर बनाएं ।

 

12 स्टेप- भगवान शिव और माता पार्वती के गोद में बैठे भगवान गणेंश की आराधना करके जलाभिषेक करें। धूप, चंदन, अक्षत, फूल, दूर्वा, दीपक, रोली ,मिठाई से पूजा करें।

 

13 स्टेप- माता पार्वती को श्रृगांर की सामग्री चढ़ाएं। आप चाहे तो वस्त्र भी माता को भेंट कर सकती है।

 

14 स्टेप- करवा चौथ की कहानी सुने।

 

15 स्टेप- करवा पर बिंदी रखें और गेहूं या चावल के दाने लेकर करवा चौथ की कहानी सुने।

 

16 स्टेप- चंद्रमा की पूजा करके उन्हें अर्घ्य दें।

 

17 स्टेप- इसके बाद चलनी की ओट से चंद्र देव का दर्शन करें और फिर पति का चेहरा देखे।

 

18 स्टेप- इसके बाद पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाया जाता है और तब व्रत का पारण किया जाता है।

 

19 स्टेप- अंत में क्षमा प्रार्थना करें ।

 

20 स्टेप- इसके बाद बड़े बुजुर्गों का आशिर्वाद लें।