भूस्खलन से टली वैष्णो देवी यात्रा: बाणगंगा क्षेत्र में पहाड़ दरकने से हड़कंप, कई श्रद्धालु घायल, रास्ता बंद!

चंडीगढ़, 21 जुलाई: श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा से भवन की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर सोमवार सुबह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जब बाणगंगा क्षेत्र में अचानक एक बड़ा भूस्खलन हो गया। इस हादसे ने न केवल मौके पर अफरा-तफरी मचा दी, बल्कि कई श्रद्धालुओं को गंभीर रूप से घायल भी कर दिया। मलबे की चपेट में आए यात्रियों को तत्काल प्रभाव से अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, वहीं प्रशासन और राहत दल युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

यह हादसा उस समय हुआ जब सुबह करीब 8 बजे के आसपास श्रद्धालु सामान्य रूप से दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और भारी मात्रा में पत्थर, मलबा और मिट्टी नीचे रास्ते पर गिरने लगी। हादसा इतना तेज और अप्रत्याशित था कि वहां से गुजर रहे लोग संभल भी नहीं पाए और कई श्रद्धालु सीधे मलबे की चपेट में आ गए।

बारिश बनी भूस्खलन की वजह

पिछले कुछ दिनों से जम्मू क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जमीन की पकड़ कमजोर हो गई थी। बाणगंगा क्षेत्र, जो कि श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख पड़ाव है, वहां की चट्टानें पहले से ही ढीली हो चुकी थीं। जब सोमवार सुबह एकाएक बड़ी मात्रा में चट्टानें और मिट्टी ढहने लगीं, तो वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। कई श्रद्धालु मलबे में फंस गए, कुछ घायल हो गए और कुछ को हल्की चोटें आईं।

राहत एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही श्राइन बोर्ड के अधिकारी, स्थानीय पुलिसकर्मी, पिट्ठू और पालकी सेवाओं में लगे लोग फौरन मौके पर पहुंचे। बिना किसी देरी के मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। घायलों को स्ट्रेचर और अन्य माध्यमों से उठाकर सबसे नजदीकी अस्पताल – कटरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र – में भर्ती करवाया गया है।

इस दौरान यात्रा मार्ग पर बनाए गए लोहे के शेड्स भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद करना पड़ा। हादसे के चलते कुछ घंटों तक तीर्थयात्रा रोक दी गई थी, ताकि मलबा हटाया जा सके और आगे किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

श्रद्धालु परेशान, प्रशासन सतर्क

वैष्णो देवी यात्रा में बाणगंगा का विशेष स्थान है। यहीं से श्रद्धालु पवित्र स्नान कर अपनी यात्रा को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में भूस्खलन की घटना ने न सिर्फ रास्ता अवरुद्ध कर दिया, बल्कि लोगों में चिंता और भय का माहौल भी बना दिया है। यात्रियों को रास्ते में ही रोक दिया गया है और अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश शुरू कर दी है।

प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और यात्रियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। मौके पर अतिरिक्त सुरक्षाबल भी तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

मौसम विभाग की चेतावनी

इस बीच, मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे अतिरिक्त सावधानी बरतें और यात्रा मार्ग की नियमित निगरानी करें। जिन इलाकों में चट्टानें कमजोर हो चुकी हैं, वहां चिन्हित कर सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।