पहाड़ो ने अभी सांसे लेने शुरु की थी लेकिन प्रकृति के क/हर ने फिर से उनकी सांसे था/म लिया, बतादें हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से तबा/ही का क/हर जारी है. राजधानी शिमला में सोमवार देर रात हुई भारी बारिश की वजह से जगह-जगह लैंडस्ला/इड की घटनाएं हुईं और पेड़ गिरे है. शिमला शहर के हिमलेंड, बीसीएस , महेली, ऒर अन्य जगहों पर भी भया/नक लैंडस्ला/इड हुआ है, बड़ी संख्या में पेड़ गिरने की वजह से 2 दर्जन के करीब गाड़िया द/ब गई हैं, जिनको निकालने का काम किया जा रहा हैं. हालांकि नेशनल हाईवे को खोलने का काम भी जारी हैं. भारी लैंडस्ला/इड की वजह से ट्रैफिक ठ/प हो गया है. वहीं सुंदर नगर और मंडी में 3 लोगों की मौ/त हो गई है, वहीं दो लोग घाय/ल हुए हैं.हिमाचल प्रदेश में मानसून की गति थ/म नहीं रही है. मंगलवार को भी 6 जिलों में भारी बारिश का येलो अ/लर्ट जारी किया गया है, इनमें बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में एक-दो स्थानों पर गर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है, रास्ते जाम होने की वजह से मंगवार सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और लोगों को काफी मुश्कि/लों का सामना करना पड़ा रहा है.
6 जिलों में भारी बारिश का येलो अ/लर्ट
मंगलवार को मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग के अनुसार 16 सितंबर को प्रदेश के निचले और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज हो सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गि/रने तथा तेज़ हवाएं चलने की भी आशंका है
इन जिलों में रहने वाले सा/वधान रहने की सलाह
शिमला, मंडी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, कुल्लू और बिलासपुर जिलों में लोगों को सत/र्क रहने की सलाह दी गई है. विभाग ने साफ कहा है कि अगले 24 घंटे संवे/दन/शील इलाकों में भूस्ख/लन, सडक़ बंद होने और छोटे नालों-खड्डों में अचानक जलस्तर बढने की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून गंगानगर, नागपुर, जोधपुर और बरमेर में वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.
30 सितंबर तक एडवेंचर गतिविधियां स्थ/गित की गई
कुल्लू में जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 30 सितंबर तक सभी एडवेंचर गतिविधियों को स्थगि/त करने का आदेश दिया है. यह फैसला हाल ही में आई बा/ढ़ के कारण लिया गया है, जिसने व्यास नदी के राफ्टिंग स्टार्ट और फिनिशिंग पॉइंट्स को प्रभावित किया है, इस वजह से पैराग्लाइडिंग लैंडिंग साइट्स भी क्षति/ग्र/स्त हो गई हैं, बतादें हिमाचल प्रदेश में 20 जून से आरंभ हुए मानसून सीजन में अब तक भूस्ख/लन की 140, फ्लैश फ्ल/ड की 97 और बादल फ/टने की 46 घटनाएं सामने आ चुकी हैं. राज्य में 409 लोगों की मौ/त हुई है. इसके साथ साथ राज्य को 4500 करोड़ से ज्यादे का नुक/सान हो चुका है रिपोर्ट न्यूज पीडिया24
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