मुख्य बिंदु: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजप्रताप को भेजा समन
•सीबीआई ने 78 लोगों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
•रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने का मामला, 2004-2009 के दौरान हुए थे कथित घोटाले
चंडीगढ़, 25 फरवरी: राजद अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को लैंड फॉर जॉब घोटाले में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और बेटे तेजप्रताप यादव समेत सभी आरोपियों को समन जारी किया है। अदालत ने उन्हें 11 मार्च को पेश होने का आदेश दिया है।
क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला?
यह मामला रेलवे की ग्रुप डी भर्तियों से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे, तब रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन ली गई थी।
•नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों ने अपनी जमीन लालू परिवार के सदस्यों या उनके करीबी सहयोगियों के नाम की।
•इन नियुक्तियों में कई अनियमितताएं बरती गईं, जिनमें रेलवे भर्ती नियमों की अनदेखी शामिल थी।
•जमीनें बेहद कम कीमत पर ट्रांसफर की गईं, जिससे यह सौदा संदेह के घेरे में आ गया।
कहां-कहां हुई थी नियुक्तियां?
सीबीआई की जांच के अनुसार, यह मामला रेलवे के पश्चिम मध्य जोन (मध्य प्रदेश के जबलपुर) से जुड़ा हुआ है।
•इसके अलावा, मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में भी नौकरियां दी गईं।
•इन नौकरियों के बदले बिहार के कई जिलों में जमीनों की रजिस्ट्री कराई गई।
सीबीआई ने कब दर्ज किया मामला?
इस मामले में सीबीआई ने मई 2022 में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।
•जांच में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटियां, और कई अज्ञात रेलवे अधिकारियों को आरोपी बनाया गया।
•बाद में सीबीआई ने 78 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी।
•अब कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए लालू यादव समेत सभी आरोपियों को समन जारी किया है।
कोर्ट का सख्त रुख, 11 मार्च को पेशी जरूरी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजप्रताप यादव समेत अन्य सभी आरोपियों को 11 मार्च को कोर्ट में पेश होना होगा।
अगर आरोपी पेश नहीं होते हैं, तो कोर्ट उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है, जिसमें गैर-जमानती वारंट जारी होना भी शामिल हो सकता है।
पहले भी मुश्किल में रहा है लालू परिवार
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर पहले भी कई भ्रष्टाचार के मामलों में जांच चल रही है।
•चारा घोटाले में लालू यादव पहले ही दोषी करार दिए जा चुके हैं और उन्हें सजा हो चुकी है।
•ED और CBI की कई अन्य जांचें भी लालू परिवार के खिलाफ जारी हैं।
•राजनीतिक रूप से यह मामला लालू और उनकी पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
अगर कोर्ट में लालू यादव और उनका परिवार आरोपों का सामना करता है और दोषी पाया जाता है, तो उन्हें भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के तहत सख्त सजा मिल सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला लोकसभा चुनाव 2024 से पहले लालू यादव और राजद के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। विपक्ष इसे लेकर तेज हमले कर सकता है, जिससे बिहार की राजनीति गरमा सकती है।