जानिएं घर में कर्मफल के दाता शनि देव की मूर्ति क्यों नहीं रखी जाती?

शनिवार को शनिदेव की पूजा का विधान है। कहते है शनिदेव न्याय और कर्मफल के दाता हैं. यदि वह नाराज हो जाए तो व्यक्ति का जीवन परेशानियों से घिर जाता है। शनिदेव की पूजा करने से साढ़ेसाती, ढैय्या या शनिदोष का प्रभाव कम हो जाता है. शनि मंदिर जाकर शनिदेव की पूजा उपासना करने का विधान है. शनिदेव की प्रतिमा घर के मंदिर में नहीं रखी जाती है. लेकिन कभी आपने ध्यान दिया है कि घरों में बने पूजा घर में शनिदेव की प्रतिमा या फोटो को स्थान क्यों नहीं दिया जाता है

घर में शनिदेव की मूर्ति रखना अशुभ

माना जाता है सुबह और शाम घर के मंदिर में विराजमान देवी देवताओं की पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है लेकिन घर की पूजा स्थल पर शनिदेव की प्रतिमा को विराजमान ही नहीं की जाती है. शास्त्रों की मानें तो शनिदेव की मूर्ति, फोटो या यंत्र रखना बहुत अशुभ माना गया है. इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है और इससे जुड़ी ज्योतिषीय मान्यता भी है. ऐसी मान्यता है कि शनिदेव की प्रतिमा को घर के पूजा स्थल पर विराजमान करने से अपशकुन होता है और आर्थिक हानि की संभावना भी बढ़ जाती है. इससे परिवार में कलह बढ़ने और मानसिक अशांति में होती है. हालांकि, घर में रहकर शनिदेव की आरती करने व मंत्र जाप का की कोई मनाही नहीं है लेकिन उनकी मूर्ति को नही रखा जाता है।

क्यों घर में शनिदेव की प्रतिमा नही रखना चाहिए

शनिदेव की पत्नी ने उनको इतना कठोर श्राप दिया था कि लोगो ने उनकी मूर्ति को घर पर रखना अशुभ माना इसको लेकर एक पौराणिक कथा है कि एक बार शनिदेव श्री कृष्ण की भक्ति में इस तरह लीन थे कि पत्नी के आने के बाद भी उनका ध्यान उन पर नहीं गया. शनिदेव ध्यान और भक्ति में लीन थे. पत्नी के अनेक प्रयासों के बाद भी शनिदेव का ध्यान उन पर नहीं गया. शनिदेव के इस बर्ताव से उनकी पत्नी इतना अधिक क्रोधित हुईं कि उन्होंने शनिदेव को कठोर श्राप दे दिया. शनिदेव को श्राप देते हुए उनकी पत्नी ने कहा कि आज के बाद जिस पर भी आपकी दृष्टि पड़ेगी उसका सर्वनाश हो जाएगा.

मान्यता है कि तब से ही शनिदेव के दर्शन और उनकी दृष्टि से लोग भय में पड़ जाते हैं. घर में शनिदेव की प्रतिमा होगी तो सुबह शाम या दिन भर उनकी दृष्टि पड़ेगी जिससे परेशानिया बढ़ सकती है. शनि देव की पूजा प्रतिमा के ठीक सामने खड़े होकर या उनकी आंखों में आंखे डालकर न करें. ऐसा करने से आप पर शनि देव की बुरी दृष्टि पड़ सकती है.  शनिदेव का रूप अति भयानक है और वे कठोर शक्ति वाले देवता है  यही कारण है कि शनिदेव की पूजा शनि मंदिर में की जानी चाहिए.