लोहड़ी की लौ से रोशन हुई खुशियों की शाम..जानिएं शुभ मुहूर्त ?

आज यानी 13 जनवरी, मंगलवार को लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है। लोहड़ी का त्योहार सर्दियों के अंत और नई फसल के स्वागत का पर्व माना जाता है। उत्तर भारत, खासकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में लोहड़ी का विशेष महत्व है । इस दिन लोग शाम के समय अग्नि जलाकर पूजा-अर्चना करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं। लोहड़ी में शाम को सूरज डूबने के बाद लोग अलाव जलाते हैं, लोक गीत गाते हैं और पारंपरिक लोकनृत्य करते हैं और लजीज व्यंजनों का आनंद लेते हैं।

इस पर्व से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। इसे फसल का त्योहार भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन किसान लोग अपनी कटी हुई फसल को अग्नि देवता को अर्पित करते हैं और अगले साल अच्छी पैदावार होने की ईश्वर से कामना करते हैं।  ये पर्व सर्दियों के विदा होने का, तैयार फसल की कटाई का मौसम शुरू होने का संकेत देता है। आइए जानते हैं लोहड़ी पूजा का आज का शुभ मुहूर्त और लोहड़ी की अग्नि जलाने का टाइम कब रहेगा।

लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त

धार्मिक दृष्टि से इसे अग्नि देव को अर्घ्य देने का समय कहा जाता है। लोहड़ी की पूजा और अग्नि प्रज्वलन का सबसे शुभ समय सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में माना जाता है। आज सूर्यास्त लगभग 5:44 बजे होगा। ऐसे में प्रदोष काल का समय 5:45 PM से 7:15 PM के बीच का माना जाएगा। कुछ परंपराओं में यह शुभ समय 8:12 PM तक भी मान्य होता है। माना जाता है कि इसी समय अग्नि देव की पूजा करने से सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद मिलता है।

लोहड़ी की पूजा विधि

शाम को घर के बाहर सभी लकड़ियों को मिलाकर एक ढेर बना लें। फिर शुभ मुहूर्त में इस ढेर में आग लगाएं।

इस दौरान दुल्ला भट्टी की कहानी सुनें और लोहड़ी की अग्नि के चारों तरफ 7 या 11 बार परिक्रमा लगाएं।

लोहड़ी की आग में मूंगफली, मक्का, गजक, तिल-गुड़ व रेवड़ी अर्पित करें।

इसके बाद लोकगीत, भांगड़ा व गिद्दा करते हुए इस पर्व को सेलिब्रेट करेंगे।

सभी लोग रेवड़ी, मूंगफली और गजक का प्रसाद खाकर इस पर्व का आनंद लें।

लोहड़ी पर घरों में मक्के की रोटी और सरसों का साग भी बनता है

इस तरह आप लोहड़ी की पूजा करें और सुख समृद्दी की कामना करें।